Ranchi News: झारखंड इस समय भीषण शीतलहर और बर्फीली पछुआ हवाओं की चपेट में है। सुबह की शुरुआत होते ही कोहरे की चादर और हड्डियों को कंपा देने वाली कनकनी लोगों का इम्तिहान ले रही है। आलम यह है कि घर के भीतर भी लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे तक ठंड का यह ‘टर्चर’ जारी रह सकता है, हालांकि इसके बाद राहत की एक उम्मीद नजर आ रही है।

गुमला बना ‘झारखंड का कश्मीर’

पिछले 24 घंटों के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। गुमला राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा गिरकर महज 1.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हां, यह तापमान किसी पहाड़ी इलाके जैसा अहसास करा रहा है। राजधानी रांची में भले ही पारा 8 से 10 डिग्री के बीच है, लेकिन 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने ‘फील लाइक’ टेंपरेचर को काफी कम कर दिया है। लोहरदगा और पाकुड़ को छोड़कर राज्य के लगभग सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है।

13 जिलों में खतरे की घंटी (येलो अलर्ट)

मौसम केंद्र रांची ने राज्य के 13 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इसमें गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, रांची, हजारीबाग और बोकारो जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर झारखंड के मैदानी इलाकों पर दिख रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि तापमान में अभी 3 डिग्री तक की गिरावट और संभव है, जिससे रातें और अधिक सर्द हो सकती हैं।

राहत की खबर: दो दिन बाद बदलेगी फिजा

झारखंडवासियों के लिए अच्छी खबर यह है कि यह कयामत की ठंड बस दो दिनों की मेहमान और है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दो दिन बाद पछुआ हवाओं के रुख और वायुमंडल के दबाव में बदलाव आने से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी। संताल परगना के इलाकों से ठंड की विदाई शुरू हो सकती है। हां, फिलहाल आपको अलाव और गरम कपड़ों के सहारे ही रहना होगा, लेकिन 48 घंटे बाद मौसम की बेरुखी कुछ कम जरूर होगी।

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