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पूर्वी सिंहभूम के झारखंड आंदोलनकारी सम्मान से अब भी वंचित

Jamshedpur News: जमशेदपुर में झारखंड आंदोलनकारियों का गुस्सा मंगलवार को खुलकर सामने आया। शहीद निर्मल महतो स्मारक समिति, सोनारी ने साफ कहा कि राज्य निर्माण में खून-पसीना बहाने वाले पूर्वी सिंहभूम के सैकड़ों आंदोलनकारी आज भी सरकारी सम्मान से दूर हैं। समिति ने जिला उपायुक्त

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Jamshedpur News: जमशेदपुर में झारखंड आंदोलनकारियों का गुस्सा मंगलवार को खुलकर सामने आया। शहीद निर्मल महतो स्मारक समिति, सोनारी ने साफ कहा कि राज्य निर्माण में खून-पसीना बहाने वाले पूर्वी सिंहभूम के सैकड़ों आंदोलनकारी आज भी सरकारी सम्मान से दूर हैं।

समिति ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए याद दिलाया कि रांची जिले में 3000 से ज्यादा आंदोलनकारियों को प्रशस्ति पत्र देने की सरकारी तैयारी चल रही है, पर पूर्वी सिंहभूम के आंदोलनकारी उस सूची में कहीं दिखाई नहीं देते।

पेंशन अटकी, उम्रदराज आंदोलनकारी इलाज तक को तरस रहे

समिति के अध्यक्ष सुन्तो महतो (लाल), वरिष्ठ आंदोलनकारी विनोय महतो और बैंग बैंकट प्रसाद राव ने कहा कि कई आंदोलनकारी अब बुजुर्ग हो चले हैं।

किसी के घुटने खराब हैं, किसी की आंखें कमजोर, तो किसी के इलाज का पैसा भी नहीं है। सरकार ने उन्हें पेंशन देने की बात तो कही, लेकिन महीनों से भुगतान अटका पड़ा है। घर चलाना मुश्किल हो गया है, और यह स्थिति उन लोगों के लिए दर्दनाक है जिन्होंने राज्य की पहचान के लिए बरसों संघर्ष किया।

समिति ने चेताया—सम्मान में देरी हुई तो आंदोलन तय

समिति ने प्रशासन से दो प्रमुख मांगें रखीं— पहली, आंदोलनकारियों को जल्द से जल्द प्रशस्ति पत्र दिया जाए। दूसरी, पेंशन भुगतान की बाधाएं हटाकर तुरंत भुगतान शुरू किया जाए।

समिति ने कहा कि झारखंड आंदोलन सिर्फ आदिवासियों या किसी एक वर्ग की लड़ाई नहीं थी, बल्कि पूरे राज्य की आवाज़ थी। इसलिए जिन लोगों ने त्याग किया, उन्हें सम्मान देना सरकार की जिम्मेदारी है, उपकार नहीं।

समिति ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाया तो वे बड़े स्तर पर विरोध शुरू करेंगे। साथ ही उम्मीद भी जताई कि जिला प्रशासन आंदोलनकारियों की पीड़ा समझते हुए जल्द सकारात्मक कार्रवाई करेगा।

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