खूंटी। बंदियों को त्वरित, सुलभ और पारदर्शी न्याय दिलाने के उद्देश्य से खूंटी मंडल कारा (जेल) में एक विशेष ‘जेल अदालत’ सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देशानुसार और खूंटी के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष (डीएलएसए) रसिकेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करना और उन्हें आवश्यक कानूनी मदद पहुंचाना था।

जज और सचिव ने सीधे सुनीं बंदियों की समस्याएं

जेल अदालत के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव कमलेश बेहरा और अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी (एसडीएम) विद्यावती कुमारी ने संयुक्त रूप से बंदियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को बेहद संजीदगी से सुना। उन्होंने बंदियों के मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान कैदियों को भारतीय कानून के तहत मिलने वाले उनके मौलिक अधिकारों और सरकार की ओर से चलाई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

मामला भले न सुलझा, पर अधिकारों के प्रति जगी अलख

डीएलएसए सचिव कमलेश बेहरा ने कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि तकनीकी कारणों या नियमानुसार इस बार जेल अदालत में तत्काल निस्तारण (settlement) के लिए कोई उपयुक्त मामला सामने नहीं आया। इसके बावजूद, इस आयोजन का महत्व कम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अदालत का मुख्य मकसद बंदियों को यह अहसास कराना था कि कानून की नजर में वे अकेले नहीं हैं। कैदियों को जेल अदालत की कार्यप्रणाली और न्याय तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करने में विधिक सेवा प्राधिकरणों की अहम भूमिका के प्रति जागरूक किया गया।

जरूरतमंदों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है प्रशासन

सचिव ने आगे कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खूंटी केवल जेल के भीतर ही नहीं, बल्कि बंदियों के परिवारों और समाज के हर जरूरतमंद व वंचित वर्ग को न्याय दिलाने के लिए साल के बारह महीने लगातार कार्य कर रहा है। शिविर में बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न तकनीकी पहलुओं और बेल (जमानत) व अपील से जुड़े नियमों के बारे में समझाया गया। साथ ही जेल प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी बंदियों के सुधार और सहायता के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।

इस विशेष अवसर पर विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता डेप्युटी चीफ नम्रता कुमारी, अजय कुमार मिश्रा, जेल के पीएलवी (पारा लीगल वालंटियर्स) और कई मुख्य जेलकर्मी उपस्थित थे।

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