Patna: जमुई जिले में पुल निर्माण को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पथ निर्माण विभाग ने खैरा-सोनो मार्ग (NH-333A) पर क्यूल और सुकनर नदी के पुराने क्षतिग्रस्त पुलों की जगह दो नए उच्चस्तरीय आरसीसी पुल बनाने के लिए 149.78 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। दोनों पुलों के निर्माण से खैरा और सोनो प्रखंड के ग्रामीणों, व्यापारियों और यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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NH-333A पर बनेंगे दो नए पुल
पहला पुल जमुई जिले में खैरा-सोनो पथ के 72वें किलोमीटर पर नरियाना घाट के पास क्यूल नदी पर बनेगा। इसके निर्माण पर 9382.29 लाख रुपये यानी करीब 93.82 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रस्तावित पुल का आकार 16 x 29.85 मीटर होगा। यहां पुराने क्षतिग्रस्त पुल की जगह नया उच्चस्तरीय आरसीसी पुल बनाया जाएगा। दूसरा पुल इसी मार्ग के 80वें किलोमीटर पर मांगोबंदर के पास सुकनर नदी पर बनाया जाएगा। इस पुल के निर्माण पर 5596.12 लाख रुपये यानी करीब 55.96 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस पुल का आकार 9 x 29.85 मीटर होगा। यह भी पुराने क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर बनाया जाएगा।
खैरा और सोनो के लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार, दोनों पुलों के निर्माण से खैरा और सोनो प्रखंड के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों, व्यापारियों और यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि क्यूल और सुकनर नदी पर पुराने और क्षतिग्रस्त पुलों के कारण मानसून के दौरान आवागमन प्रभावित होता था। सामान्य दिनों में भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी और भारी वाहनों के परिचालन में परेशानी होती थी। नए पुल बनने के बाद यातायात सुरक्षित और निर्बाध होने के साथ यात्रा के समय और ईंधन की भी बचत होगी।
झारखंड से कनेक्टिविटी को भी मिलेगा लाभ
सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि NH-333A जमुई को झारखंड से जोड़ने वाली प्रमुख संपर्क सड़कों में शामिल है। क्यूल और सुकनर नदी पर नए पुल बनने से जमुई के साथ मुंगेर, लखीसराय और बांका जैसे पड़ोसी जिलों के बीच व्यापार और परिवहन को भी गति मिलने की बात कही गई है।
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कृषि, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी असर
पथ निर्माण विभाग के सचिव के अनुसार, दोनों पुलों के निर्माण के बाद आपात स्थिति में एंबुलेंस और मरीजों को जिला अस्पताल या बड़े मेडिकल सेंटर तक पहुंचने में आसानी होगी। स्थानीय किसानों और छोटे व्यापारियों को भी अपनी उपज जैसे अनाज, सब्जियां और दूध नजदीकी मंडियों तथा शहरी बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण के दौरान और इसके बाद बेहतर परिवहन व्यवस्था से क्षेत्र में नए व्यावसायिक अवसर और रोजगार के साधन भी पैदा होंगे।





