World News: इटली की सत्ताधारी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ ने संसद में एक नया बिल पेश किया है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढंकने या नकाब पहनने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। पार्टी और सरकार का कहना है कि इसका मकसद धार्मिक रूप से प्रेरित कट्टरता और समाज में सांस्कृतिक अलगाव को रोकना है, न कि धार्मिक स्वतंत्रता का हनन करना।
सार्वजनिक स्थानों पर नकाब या चेहरा ढंकना होगा प्रतिबंधित–बिल पेश
नए कानून के तहत किसी भी सार्वजनिक स्थल जैसे पार्क, बाजार, स्कूल, ऑफिस—कहीं भी कोई ऐसा कपड़ा पहनना प्रतिबंधित होगा, जिससे चेहरा ढंका हो। उल्लंघन करने वालों पर 300 यूरो से 3,000 यूरो (करीब 28,000–2.8 लाख रुपए) तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। फिलहाल, इटली के उत्तरी इलाकों में सरकारी भवनों और अस्पतालों में चेहरा ढकने पर पहले से भी पाबंदी है।
इस बिल में सिर्फ चेहरा ढकने वाले कपड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन धार्मिक संगठनों पर भी निगरानी करने की सिफारिश की गई है, जिन्हें इटली सरकार की औपचारिक मान्यता नहीं मिली है। मौजूदा समय में इटली में 13 धर्मों को कानूनी मान्यता मिली है, जबकि मुस्लिम संगठनों को वैधानिक अधिकार नहीं है। इस वजह से नया कानून मुस्लिम संगठनों को फंडिंग सोर्स सार्वजनिक करने व संदिग्ध फाइनेंसरों से दूरी रखने का अनिवार्य प्रावधान लाता है।
बिल में ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ कराने वालों पर सजा तथा जबरन धार्मिक विवाहों में दबाव बनाने को अपराध बतलाया गया है। यह कानून यूरोप के अन्य देशों—फ्रांस, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया, ट्यूनिशिया, स्विट्जरलैंड आदि के नक्शे कदम पर प्रस्तावित है, जहां पहले ही सार्वजनिक जगहों पर बुर्का या चेहरा ढकने वाले कपड़ों पर पाबंदी लग चुकी है।
यूरोपीय मानवाधिकार अदालत ने भी कहा है कि: राज्य समाज में एकता लाने हेतु ऐसे प्रतिबंध लागू कर सकता है। इटली में सत्तारूढ़ गठबंधन को संसद में बहुमत है, इसलिए बिल के पास होने की संभावना ज्यादा है, हालांकि सरकार ने बहस की तिथि अब तक तय नहीं की है।



