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Beirut: इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने हिज्बुल्लाह पर संघर्ष विराम के नियमों को ताक पर रखने का गंभीर आरोप लगाते हुए दक्षिण लेबनान के कई इलाकों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये भीषण हमले इजरायली सेना द्वारा लेबनान के 20 अलग-अलग ठिकानों के लिए आपातकालीन निकासी चेतावनी जारी करने के महज कुछ ही देर बाद शुरू हो गए।
लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी एनएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को दक्षिण लेबनान के कई हिस्सों में इजरायली फाइटर जेट्स ने भारी बमबारी की। यह सैन्य कार्रवाई उस आधिकारिक चेतावनी के ठीक बाद देखने को मिली, जिसमें नबातिये शहर समेत 20 बड़े कस्बों और गांवों के आम नागरिकों को संभावित हमले से पहले सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा गया था।
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राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया कि जिन रिहायशी और रणनीतिक इलाकों को खाली करने का आदेश दिया गया था, इजरायल ने ठीक उन्हीं जगहों को निशाना बनाकर बम बरसाए हैं। इन प्रभावित क्षेत्रों में नबातिये के नजदीक स्थित रिहान और सुजूद जैसे प्रमुख गांव शामिल हैं, जहां हमलों के बाद भारी नुकसान की आशंका है।
इससे पहले, आईडीएफ के अरबी भाषा के प्रवक्ता अविचाय अद्राए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर कर स्थानीय लोगों से तुरंत इन इलाकों को छोड़कर जहरानी नदी के उत्तरी हिस्से की तरफ चले जाने की अपील की थी। इजरायली सेना का सीधा दावा है कि हिज्बुल्लाह लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, जिसके चलते उसके तमाम सैन्य ठिकानों को जमींदोज किया जा रहा है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई ने दक्षिण लेबनान में तनाव को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, जहां लंबे समय से सीमा पार हमलों और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला थमा नहीं है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन स्थिति पर बारीक नजर रखे हुए है और लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिशें जारी हैं।
इस भारी तनाव के बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लेबनान में एक यूएन शांति सैनिक (पीसकीपर) की हत्या पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। परिषद ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के एक सैनिक की मौत की कड़े शब्दों में निंदा की। यह आधिकारिक बयान 4 जून को हुए उस घातक हमले के बाद आया है, जिसमें मोर्टार शेल्स की चपेट में आने से सर्बिया के एक शांति सैनिक ने दम तोड़ दिया था।
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दी गई जानकारियों के मुताबिक, यह जांबाज सैनिक उस वक्त गंभीर रूप से घायल हो गया था जब उसकी तैनाती वाले बेस पर अचानक मोर्टार के गोले आकर गिरे। इस कायरतापूर्ण हमले में दो अन्य शांति सैनिक भी बुरी तरह जख्मी हुए थे। सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य देशों ने एक साझा बयान जारी कर शहीद सैनिक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की दुआ की है।
हालांकि, सुरक्षा परिषद ने अपने बयान में यह साफ नहीं किया है कि इस मोर्टार फायरिंग के पीछे इजरायली सेना थी या हिज्बुल्लाह का हाथ था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र से इस पूरी घटना की तुरंत और बिना किसी पक्षपात के जांच कराने की मांग की गई है ताकि दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके। बयान के अंत में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगाने वाले सभी शांति सैनिकों और उनके देशों के योगदान की जमकर तारीफ की गई।
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