World News: गाजा पर इजरायल के हवाई हमलों के बाद भारत सरकार ने प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को भारत सरकार ने गाजा की स्थिति पर चिंता जताई और संघर्ष प्रभावित फलस्तीनी क्षेत्र के लोगों को मानवीय सहायता मुहैया कराने की अपील की। भारत की यह टिप्पणी उस समय आई जब इजरायल ने मंगलवार को गाजा में फिर से हवाई हमले शुरू कर दिए, जिससे जनवरी में हुए युद्धविराम की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल की बमबारी में 400 से अधिक लोग मारे गए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हम गाजा की स्थिति को लेकर गहरे चिंतित हैं। यह बहुत जरूरी है कि सभी बंधकों को रिहा किया जाए।” इसके अलावा, उन्होंने गाजा के लोगों को मानवीय सहायता जारी रखने की भी अपील की।
नेतन्याहू का बयान:
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि गाजा में मंगलवार को किए गए हवाई हमले “सिर्फ शुरुआत” हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युद्धविराम वार्ता तब तक जारी रहेंगी जब तक हमले जारी हैं। नेतन्याहू ने कहा, “हम इजरायल के सभी युद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करने तक हमले जारी रखेंगे, जिसमें हमास को नष्ट करना और बंधकों को रिहा करना शामिल है।” उन्होंने यह भी कहा कि हमास द्वारा रिहा किए गए बंधकों से यह साबित हो चुका है कि सैन्य दबाव बंधकों की रिहाई के लिए आवश्यक है।
संघर्षविराम टूटा:
इजरायल ने मंगलवार को गाजा में हवाई हमले किए, जिसमें 404 फलस्तीनी मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यह हमले जनवरी में हुए संघर्षविराम के टूटने का कारण बने और इससे 17 महीने से चल रहे युद्ध के फिर से शुरू होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। नेतन्याहू ने बताया कि हमास ने इजरायल के युद्धविराम समझौते में बदलाव की मांग को अस्वीकार कर दिया था, जिसके बाद इजरायल ने यह हमला किया।