New Delhi: रक्षा क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और भारत के लिए रणनीतिक रूप से बड़ी कामयाबी की खबर सामने आ रही है। पड़ोसी देश पाकिस्तान इस वक्त अपनी सैन्य जरूरतों के लिए चीनी हथियारों पर पूरी तरह निर्भर हो चुका है। डिफेंस रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान अपनी कुल रक्षा खरीद का करीब 80 फीसदी हिस्सा अकेले चीन से इम्पोर्ट करता है। लेकिन पाकिस्तान को आंख मूंदकर घातक हथियार बेचने के इसी सिलसिले में चीन से एक बहुत बड़ी रणनीतिक चूक हो गई। चीन ने पाकिस्तान को एक ऐसा एडवांस हथियार थमा दिया, जिसे पाकिस्तानी सेना ठीक से संचालित नहीं कर पाई और नतीजा यह हुआ कि उस बेहद गोपनीय हथियार का सीक्रेट कोड अब भारत के हाथ लग गया है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मलबे से खुला राज

दरअसल, बीते साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय क्षेत्र में चीन निर्मित ‘PL-15E’ (पीएल-15ई) एयर-टू-एयर मिसाइल दागी थी। मुस्तैद भारतीय रक्षा प्रणाली ने इस मिसाइल को अपना लक्ष्य भेदने से पहले ही हवा में मार गिराया था। इस कारण मिसाइल का मुख्य हिस्सा और इलेक्ट्रॉनिक मलबा भारतीय जमीन पर सुरक्षित मिल गया था।

आपको बता दें कि यह चीन की सबसे अहम और खतरनाक बीवीआर (बियॉन्ड विजुअल रेंज) मिसाइल है, जिसका इस्तेमाल पांचवीं पीढ़ी के आधुनिक फाइटर जेट्स में किया जाता है। इसकी रेंज करीब 150 किलोमीटर है और यह मैक-5 (ध्वनि से पांच गुना तेज) की घातक रफ्तार से दुश्मन पर वार करती है। इसमें दुनिया के सबसे आधुनिक रडार सिस्टम ‘AESA’ को भी चकमा देने की इन-बिल्ट क्षमता है।

भारतीय इंजीनियरों ने किया मिसाइल का ‘पोस्टमार्टम’

फ्रांसीसी मीडिया में छपी एक ताजा खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय रक्षा इंजीनियरों और वैज्ञानिकों ने भारत की धरती पर गिरे PL-15E मिसाइल के मलबे की बेहद गहन स्टडी की। वैज्ञानिकों ने इस मलबे के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की मदद से मिसाइल के उस एल्गोरिदम और सीक्रेट कोड को क्रैक कर लिया है, जिसके जरिए यह मिसाइल किसी टारगेट को डिटेक्ट, ट्रैक और चेज (पीछा) करती है।

एक तरह से भारतीय इंजीनियरों ने चीन की इस बेहद गोपनीय मिसाइल तकनीक का पूरा ‘पोस्टमार्टम’ कर डाला है। इस खोज के बाद भारत ने मिसाइल के इन सीक्रेट कोड्स और वेवलेंथ की जरूरी जानकारी अपने सभी अग्रिम पंक्ति के फाइटर जेट्स (जैसे राफेल और सुखोई) के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम में अपडेट कर दी है।

भविष्य के युद्ध के लिए भारत तैयार, चीन को भारी नुकसान

इस रणनीतिक कामयाबी का सीधा मतलब यह है कि भविष्य में अगर पाकिस्तान या चीन की ओर से यह मिसाइल भारतीय विमानों की तरफ दागी जाती है, तो भारतीय फाइटर जेट्स के रडार उसे बहुत पहले ही पहचान लेंगे और उसे आसानी से हवा में ही जाम (Jam) या नष्ट कर सकेंगे। जिस मिसाइल तकनीक को विकसित करने के लिए चीनी इंजीनियरों को सालों तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी, उसका पूरा राज अब पाकिस्तान की एक नाकामी के चलते भारत के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।

Read more: PAK वायुसेना का चीनी विमान जेएल-8 क्रैश; बाल-बाल बचे दोनों पायलट, तस्वीरें वायरल

Share.
Exit mobile version