World News: पाकिस्तान की राजनीति इन दिनों फिर से उथल-पुथल में है। वजह हैं पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जिनके बारे में सोशल मीडिया पर अचानक उनकी मौत की अफवाहें फैलने लगीं। मामला इतना गर्म हुआ कि जेल प्रशासन को खुद सामने आकर बयान देना पड़ा कि इमरान खान बिल्कुल सुरक्षित हैं और उनकी सेहत भी ठीक है।

लेकिन इसी बीच एक साल पुराना विवादित बयान फिर चर्चा में आ गया, जिसमें इमरान ने लिखा था— “अगर मुझे या मेरी पत्नी बुशरा को कुछ हुआ, तो जिम्मेदार सिर्फ जनरल आसिम मुनीर होंगे।” यह बात अब फिर से पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में गूंज रही है।

जेल प्रशासन बोला— इमरान बिल्कुल सुरक्षित, अफवाहें झूठी

अदियाला जेल के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इमरान खान को किसी तरह की कोई खास समस्या नहीं है। न उनकी सेहत बिगड़ी है, न उन्हें कहीं और ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि इमरान को जेल में कानून के हिसाब से सभी सुविधाएं मिल रही हैं और सोशल मीडिया पर फैल रही बातें “पूरी तरह मनगढ़ंत” हैं। पीटीआई नेताओं को भी जेल प्रशासन ने इमरान की स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी दे दी है।

इमरान के बेटे ने उठाई बड़ी मांग— “सबूत दिखाओ कि मेरे पिता जिंदा हैं”

हालांकि जेल प्रशासन भले ही आश्वासन दे रहा हो, लेकिन इमरान के छोटे बेटे कासिम खान को इन बातों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा— “मेरे पिता 845 दिनों से जेल में हैं। पिछले छह हफ्तों से उन्हें डेथ सेल में अकेले रखा गया है। न फोन, न मुलाकात… यहां तक कि हमें ये भी नहीं पता कि वो जिंदा हैं या नहीं।” कासिम ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद इमरान की बहनों को मुलाकात नहीं दी जा रही है।

एक साल पुराना बयान फिर बना चर्चा का कारण

दरअसल, मई 2024 में इमरान खान ने एक अखबार में तीखा लेख लिखा था। उसमें उन्होंने दावा किया था— “सेना ने मेरे खिलाफ जितना कर सकती थी उतना कर लिया। अब सिर्फ मेरी हत्या ही बाकी है। अगर मुझे या मेरी पत्नी बुशरा को कुछ हुआ, तो जिम्मेदार होंगे फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर।” इमरान ने तब यह भी लिखा था कि जेल में उनके साथ ‘कठोर और अपमानजनक व्यवहार’ किया जा रहा है और बुशरा बीबी की सुविधाएं भी बंद कर दी गई हैं।

पीटीआई का आरोप— “इमरान के सभी अधिकार छीन लिए गए”

पीटीआई नेताओं का कहना है कि इमरान को न टीवी की सुविधा दी जा रही है, न कानूनी अधिकारों को लागू किया जा रहा है। वे दावा करते हैं कि जेल प्रशासन जानबूझकर उन्हें परिवार और वकीलों से दूर रखे हुए है। दूसरी तरफ, सरकार और सेना इससे इनकार करती रही हैं।

राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ रही

इमरान खान पर करीब 200 से ज्यादा केस चल रहे हैं और वो लंबे समय से जेल में हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही पाकिस्तान की राजनीति जैसे दो भागों में बंट गई है। इमरान समर्थकों का मानना है कि सेना उनके खिलाफ साजिश कर रही है। वहीं सत्ता पक्ष कहता है कि इमरान पर कानून के मुताबिक कार्रवाई हो रही है। इमरान की हालत पर उठ रहे सवालों, उनके बेटे की अपील और पुराने आरोपों ने पाकिस्तान की राजनीति में नई हलचल ला दी है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर बयानबाजी और तेज होने की उम्मीद है।

Share.
Exit mobile version