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आठ नकाबपोश, बंधक दंपति और 10 लाख की डील, आखिर कैसे नाकाम हुई अपराधियों की साजिश?

Ramgarh : जिले में अपराधियों का खौफ एक बार फिर देखने को मिला, जब सोमवार की देर रात आठ नकाबपोश बदमाशों ने एक वृद्ध दंपति को बंधक बना लिया। अपराधियों ने दंपति के बेटे से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। हालांकि, पुलिस की तत्परता

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Ramgarh : जिले में अपराधियों का खौफ एक बार फिर देखने को मिला, जब सोमवार की देर रात आठ नकाबपोश बदमाशों ने एक वृद्ध दंपति को बंधक बना लिया। अपराधियों ने दंपति के बेटे से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। हालांकि, पुलिस की तत्परता और फिल्मी अंदाज में चले ऑपरेशन ने इस खतरनाक वारदात को नाकाम कर दिया।

आधी रात धावा और दंपति बंधक

घटना कुजू ओपी क्षेत्र के लोहा गेट इलाके की है। यहां रहने वाले नंदकिशोर सिंह और उनकी पत्नी अचानक आधी रात अपराधियों के निशाने पर आ गए। हथियारबंद नकाबपोशों ने उनके घर में धावा बोला और उन्हें बंधक बना लिया। लूटपाट के दौरान घर से लगभग 15 हजार रुपये नकद और जेवरात भी अपराधियों के हाथ लगे। इसके बाद बदमाशों ने दंपति को उठाकर सुनसान जगह ले गए और वहीं से उनके बेटे मनोज सिंह को फोन कर 10 लाख की फिरौती की मांग की।

बेटे ने पहुंचाई सूचना, पुलिस हरकत में

अपराधियों का फोन आते ही मनोज सिंह घबरा गए, लेकिन उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता देखते हुए रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने खुद कमान संभाली और एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई। इसमें मांडू थाना प्रभारी सदानंद कुमार और वेस्ट बोकारो ओपी प्रभारी दीपक कुमार भी शामिल रहे। अपराधी बड़ी चालाकी से लोकेशन बदलते रहे ताकि पुलिस उनकी गिरफ्त से दूर रहे। लेकिन पुलिस भी लगातार ट्रैकिंग कर रही थी।

हजारीबाग में बिछा जाल

कई घंटों की मानसिक उठा-पटक के बाद अपराधियों ने मनोज सिंह को हजारीबाग जिले के कन्हेरी पहाड़ के पास रुपये लेकर आने को कहा। बेटे ने रुपये से भरा बैग लेकर वहां पहुंचने का नाटक किया। इस बीच पुलिस ने इलाके में पहले से ही जाल बिछा रखा था। जैसे ही बाइक सवार अपराधी बैग लेने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

अपराधियों की टीम टूटी, दंपति आज़ाद

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद बाकी अपराधियों का हौसला टूट गया। जिन लोगों ने वृद्ध दंपति को कैद कर रखा था, उन्होंने दबाव बढ़ता देख दंपति को छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने अब तक आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे गिरोह के तार खंगाले जा रहे हैं।

राहत की सांस और पुलिस की बड़ी सफलता

नंदकिशोर सिंह और उनकी पत्नी सुरक्षित घर लौट आए हैं। परिवार ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार जताया। यह घटना जहां अपराधियों की दुस्साहसिक साजिश का उदाहरण है, वहीं पुलिस की मुस्तैदी ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। स्थानीय लोग भी मानते हैं कि अगर पुलिस समय पर हरकत में नहीं आती तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। अब पुलिस इस गिरोह की पूरी गतिविधियों की जांच कर रही है ताकि आने वाले समय में जिले में अपराधियों का नेटवर्क तोड़ा जा सके।

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