Ranchi : झारखंड सरकार ने राज्यभर की सहियाओं, सहिया साथियों, प्रखंड प्रशिक्षक दल (बीटीटी) और राज्य प्रशिक्षक दल (एसटीटी) के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी का फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बुधवार को घोषणा करते हुए बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्यरत सहियाओं का मासिक मानदेय अब दोगुना कर दिया गया है।
अब ग्रामीण क्षेत्रों की 39,964 और शहरी क्षेत्रों की 3,000 सहियाओं को पूर्व में मिलने वाले 2,000 रुपये प्रतिमाह की जगह 4,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। इस निर्णय पर राज्य सरकार को 10,311.36 लाख रुपये का व्यय होगा।
सहिया साथियों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के 2,295 और शहरी क्षेत्रों के 125 सहिया साथियों को पहले 375 रुपये प्रतिमाह (अधिकतम 24 दिन) के अलावा अब 50 रुपये प्रतिदिन की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस पर सरकार को 348.42 लाख रुपये का खर्च आएगा।
इसी क्रम में बीटीटी यानी प्रखंड प्रशिक्षक दल के सदस्यों को पहले मिलने वाले 650 रुपये प्रतिमाह के साथ अब 80 रुपये प्रतिदिन की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार को इस मद में लगभग 161.05 लाख रुपये खर्च करने होंगे।
राज्य प्रशिक्षक दल (एसटीटी) के 48 सदस्यों को भी राहत मिली है। उन्हें पूर्व में मिलने वाली 850 रुपये प्रतिमाह राशि के साथ अब 100 रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सहिया, सहिया साथी, बीटीटी और एसटीटी टीमें झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाने से विभाग पर अतिरिक्त बोझ जरूर पड़ेगा, लेकिन सरकार अपनी “सहिया बहनों” के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने सहियाओं से अपेक्षा की कि वे मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी अस्पतालों में रेफर करने से बचें और बेहतर सेवा भाव के साथ कार्य करें।
उन्होंने केंद्र सरकार की उदासीनता पर भी सवाल उठाया और कहा कि राज्य सरकार ही अपने संसाधनों से स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाए रखने में जुटी है।



