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चक्रधरपुर: नुक्कड़ नाटक के जरिए ‘हो’ समाज की हुंकार, बिचौलियों को भगाने का संकल्प

Chakradharpur: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत चैनपुर आदिवासी टोला और चंद्री लातरसाई में शनिवार को आदिवासी ‘हो’ समाज से जुड़े संगठनों ने सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा, नेशनल आदिवासी रिवाइवल एसोसिएशन (नारा) एवं सिंगी एण्ड सिंगी सोसाइटी

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Chakradharpur: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत चैनपुर आदिवासी टोला और चंद्री लातरसाई में शनिवार को आदिवासी ‘हो’ समाज से जुड़े संगठनों ने सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा, नेशनल आदिवासी रिवाइवल एसोसिएशन (नारा) एवं सिंगी एण्ड सिंगी सोसाइटी (सास) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में नुक्कड़ सभा के साथ विशेष रूप से नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।

आयोजकों ने बताया कि नाटक का उद्देश्य ग्रामीणों को यह समझाना था कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब आम लोग स्वयं जागरूक रहेंगे और उनके क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। कई ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव और बिचौलियों के हस्तक्षेप के कारण पात्र लोगों तक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच पाता। इसी समस्या को रेखांकित करने और लोगों को सजग बनाने के लिए नाटक का मंचन किया गया।

नुक्कड़ नाटक में एक काल्पनिक गांव की कहानी दिखाई गई, जहां कुछ लोग ग्रामीणों की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर योजनाओं में गड़बड़ी करते हैं। बाद में जब ग्रामीण संगठित होकर ग्रामसभा के माध्यम से सवाल उठाते हैं और योजनाओं की जानकारी मांगते हैं, तब पारदर्शिता आती है और वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचता है। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विकास केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से संभव है।

सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने कहा कि समाज को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक और विकासात्मक प्रक्रियाओं में भी जागरूक रहना होगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि प्रखंड और पंचायत स्तर पर संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लें, ग्रामसभा की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर आवाज उठाएं।

उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण स्वयं सतर्क रहेंगे तो बिचौलियों की भूमिका स्वतः समाप्त होगी और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा। कार्यक्रम के अंत में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और विकास कार्यों में सहभागिता को लेकर सामूहिक संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर भीमसेन सुंडी, सुरेश पिंगुवा, रमेश बारला, रामलाल हेम्ब्रम, आसमान हेम्ब्रम, अभिराम बारला, कुंवरसिंह बारला, शिवा हेम्ब्रम, चरण बारला, पनमती बारला, प्रकाश गोप, विनाश हेम्ब्रम, रोशन हेम्ब्रम, राईमुनी बारला, पेलोंग बारला, मेचो बारला, राऊतु बारला, हरिश बारला, संतोष बारला और शकुंतला बारला सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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