Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष शुक्रवार को पूरा हुआ। इस अवसर पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में राज्यस्तरीय भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 8792 नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। मैदान में उमड़ी अभूतपूर्व भीड़ ने इस समारोह को राज्य के लिए ऐतिहासिक क्षण में बदल दिया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मौके पर राज्य की उपलब्धियों, आगे की योजनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक नियुक्ति समारोह नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य को नई दिशा देने का क्षण है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने पूर्वजों के बलिदान और संघर्ष की देन है। “हमारे पूर्वजों ने इस राज्य के लिए बड़ा बलिदान दिया। उनका सपना था कि इस धरती के लोग खुशहाल हों, उन्हें मूलभूत सुविधाएं और सम्मान मिले। आज भी कई क्षेत्रों में चुनौतियाँ हैं, लेकिन हमारी सरकार हर घर, हर गांव और हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।” 

युवा राज्य में युवा शक्ति हमारी ताकत

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए की। उन्होंने कहा कि आज का दिन झारखंड के हजारों परिवारों के सपनों को पंख देने का दिन है। उन्होंने कहा “युवा राज्य में युवा शक्ति के साथ सरकार हर कदम पर खड़ी है। आपकी नियुक्ति से सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 50 हजार से अधिक लोगों के परिवारों का भरोसा मजबूत हुआ है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है और आने वाले समय में भी नियुक्ति प्रक्रिया इसी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ जारी रहेगी।

मन उत्साहित भी, उदास भी”—दिशोम गुरु को याद कर हुए भावुक

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का एक वर्ष पूरा होना उत्साह का कारण है, लेकिन आज वह व्यक्तिगत रूप से भावुक भी हैं। उन्होंने कहा “दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी आज हमारे बीच नहीं हैं। अगर वे होते तो युवाओं की इतनी बड़ी संख्या को नौकरी पाते देखकर बेहद खुश होते।” साथ ही उन्होंने समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया और कहा कि उनके विचार आज भी सामाजिक न्याय की राह दिखाते हैं।

एक वर्ष में 16 हजार सरकारी, 8 हजार निजी क्षेत्र में रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दी है। इसी वर्ष 16 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और 8 हजार को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। पिछले कुछ वर्षों में भी रोजगार बढ़ाने की दिशा में निरंतर कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा “नियुक्तियों का यह सिलसिला जारी रहेगा। झारखंड युवाओं की ऊर्जा से आगे बढ़ रहा है और सरकार हर अवसर को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

हर नियुक्त अभ्यर्थी ले संकल्प, “एक युवा को अपने जैसा बनाएं”

मुख्यमंत्री ने युवाओं से विशेष आह्वान किया कि वे सिर्फ अपनी नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनें। उन्होंने कहा “आप जहां भी जाएं, वहां कम से कम एक नौजवान को अपने जैसा बनाने का संकल्प लें। अगर हम यह कर पाए, तो झारखंड की तस्वीर बदलने में देर नहीं लगेगी।”

नियुक्तियों में पूरी पारदर्शिता, “शिद्दत और ईमानदारी से बदली जा रही व्यवस्था”

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का बिना नाम लिए जवाब देते हुए कहा कि सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह ईमानदार है। कुछ लोग बाधाएं खड़ी कर रहे हैं, लेकिन सरकार बिना विचलित हुए अपना काम कर रही है। हमारा उद्देश्य राज्य में नया आयाम स्थापित करना है।

महिलाएं बनीं नई ताकत, 60% महिलाएं नियुक्त, कई प्रशासनिक पदों पर चयन

नियुक्ति समारोह में महिलाओं की भागीदारी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि 60% महिलाएं नियुक्त अभ्यर्थियों में शामिल हैं। जेपीएससी सिविल सेवा में 30% महिलाएं चुनी गईं। सहायक आचार्य में 40% महिलाएं चयनित हुईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना के कारण महिलाओं में आर्थिक स्वतंत्रता और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। एक महिला अभ्यर्थी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा “उन्होंने मईंया सम्मान योजना के पैसे से अपनी पढ़ाई पूरी की और आज पदाधिकारी के रूप में हमारे बीच उपस्थित हैं। यह योजना के प्रभाव का स्पष्ट उदाहरण है।”

समाज के हर वर्ग के लिए सरकार संवेदनशील, “किसी को पीछे नहीं छोड़ेंगे”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आदिवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं, दिव्यांगों और किसानों के लिए समान रूप से काम कर रही है। कोई पढ़ा-लिखा हो या कम पढ़ा, हर व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। सीएम ने कहा कि आज जितनी भीड़ मैदान में मौजूद है, उतनी भीड़ अक्सर राजनीतिक सभाओं में भी नहीं जुटती, यह दर्शाता है कि झारखंड का युवा अपने भविष्य को लेकर कितना सजग और उत्साहित है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के कार्यों पर कई बार सवाल उठाता रहा है, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही है। हमने योग्यता के आधार पर चयन कर सरकारी तंत्र में नई ऊर्जा को जोड़ा है। युवाओं के चेहरों पर जो खुशी देख रहा हूं, वही हमारी सरकार की असली उपलब्धि है।

कौन-कौन से पदों पर मिली नियुक्ति

  • 197 उपसमाहर्ता (JPSC सिविल सेवा)
  • 35 पुलिस उपाधीक्षक (DSP)
  • 55 राज्य कर पदाधिकारी
  • 22 दंत चिकित्सक
  • 150 कीटपालक
  • 8291 सहायक आचार्य
  • 84 शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति
  • अन्य पद—काराधीक्षक, श्रम अधीक्षक, उत्पाद निरीक्षक, समादेष्टा, सहायक निबंधक आदि।

मंच पर मौजूद रहे अनेक मंत्री और जनप्रतिनिधि

कार्यक्रम में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, दीपक बिरुवा, संजय प्रसाद यादव, हफीजुल हसन, डॅ इरफान अंसारी, डॅ दीपिका पांडेय, चमरा लिंडा, योगेंद्र प्रसाद, डॅ महुआ माजी सहित कई मंत्री, विधायक व अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड की आर्थिक स्थिति सुधरी है और लोगों की आय में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास और निवेश बढ़ाने पर सरकार का विशेष फोकस है।

वहीं, मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक नए झारखंड का सपना देख रहे हैं और इसे साकार करने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। “सरकार जन-जन तक पहुँचेगी और हर समस्या का समाधान करेगी। युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चियों का सर्वांगीण विकास हमारी प्राथमिकता है,” 

मोराबादी मैदान में मौजूद नवनियुक्त युवाओं ने बताया कि नियुक्ति पत्र मिलना उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण है। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि इससे उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है और वे राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

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