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Hazaribagh News: झारखंड का जामताड़ा तो बदनाम था ही, लेकिन अब हजारीबाग के अपराधी भी साइबर ठगी के नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। हजारीबाग पुलिस ने एक ऐसे ही सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ‘एस्कॉर्ट सर्विस’ देने के नाम पर न केवल लोगों से मोटी रकम ऐंठता था, बल्कि उन्हें ब्लैकमेल भी करता था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नूतन नगर में छापेमारी कर बरकट्ठा के रहने वाले चार शातिर अपराधियों को रंगे हाथ दबोच लिया है।
फर्जी वेबसाइट और यूपीआई का खेल; बुकिंग के नाम पर खाली करते थे जेब
हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये अपराधी बेहद शातिर तरीके से काम कर रहे थे। उन्होंने इंटरनेट पर फर्जी वेबसाइटें बना रखी थीं, जहां एस्कॉर्ट सर्विस का लुभावना विज्ञापन दिया जाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति इन नंबरों पर संपर्क करता, ये अपराधी बुकिंग फीस और अन्य खर्चों के नाम पर डिजिटल माध्यमों (UPI) से पैसे मंगवा लेते थे। एक बार पैसे मिलने के बाद, ये लोग पीड़ितों को उनकी कॉल रिकॉर्डिंग या चैट के नाम पर ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे, जिससे डरकर लोग और भी पैसे देने को मजबूर हो जाते थे।
किराए के खातों में मंगाते थे पैसे; पुलिस ने बरामद किए 12 एटीएम और सिम कार्ड
पकड़े जाने के डर से ये ठग अपने निजी बैंक खातों का इस्तेमाल नहीं करते थे, बल्कि भोले-भाले लोगों के खातों को ‘किराए’ पर लेकर ठगी की राशि उनमें ट्रांसफर करवाते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक कुमार (22), बादल मंडल, दीपक मंडल (24) और शेखर कुमार (21) के रूप में हुई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से विभिन्न बैंकों के 12 एटीएम कार्ड, 9 सिम कार्ड, 5 पैन कार्ड और कई अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।
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एसडीपीओ सदर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम की इस तत्परता ने एक बड़े सिंडिकेट के नेटवर्क को तोड़ दिया है। फिलहाल मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके बैंक खातों को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

