रांची: राजधानी के प्रमुख पर्यटन स्थल गेतलसूद डैम को और भी आकर्षक और सुरक्षित बनाने की तैयारी तेज हो गई है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, मंजूनाथ भजन्त्री ने शुक्रवार को पर्यटन विभाग द्वारा निर्माणाधीन कम्यूनिटी सेंटर और डैम में संचालित नौका विहार (Boating) की व्यवस्थाओं को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए।
निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयसीमा का ध्यान
उपायुक्त ने कम्यूनिटी सेंटर के निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए कार्य एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह केंद्र न केवल पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी एक बड़ी सुविधा के रूप में विकसित होगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग (सतत निगरानी) करने को कहा ताकि कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा हो सके।
सुरक्षा मानकों पर कड़ा रुख
बैठक का एक मुख्य हिस्सा गेतलसूद डैम में होने वाली बोटिंग (नौका विहार) की सुरक्षा व्यवस्था रही। उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पर्यटकों की जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि:
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नौका विहार के दौरान प्रत्येक पर्यटक के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य हो।
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नावों के संचालन के लिए केवल प्रशिक्षित कर्मी ही तैनात किए जाएं।
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आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू टीम और चिकित्सा किट हर वक्त तैयार रहे।
अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में विकास की रूपरेखा तैयार करने के लिए वन प्रमण्डल पदाधिकारी, प्रभारी उपविकास आयुक्त (ITDA), अपर समाहर्त्ता, एसडीओ सदर और स्वर्ण रेखा विद्युत परियोजना के पदाधिकारियों सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने सभी को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया ताकि गेतलसूद डैम आने वाले समय में सुरक्षित और सुखद पर्यटन का बेहतरीन अनुभव दे सके। इस पहल से न केवल रांची के पर्यटन को नई गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।



