World News: अमेरिकी मध्यस्थता के बाद हाल ही में हमास की कैद से रिहा हुए 20 इजरायली बंधकों की कहानियां दुनिया को झकझोर रही हैं। इनमें 32 वर्षीय अविनतान ओर की कहानी सबसे ज्यादा दर्दनाक है, जिन्होंने 738 दिन गाजा की आतंकी सुरंगों में अकेले बिताए।
अविनतान को 7 अक्टूबर 2023 को हमले के दौरान अपनी प्रेमिका नोआ अर्गमानी के साथ अगवा किया गया था। अपहरण के तुरंत बाद दोनों को अलग कर दिया गया। अविनतान ने रिहा होते ही सबसे पहले नोआ से मिलने की इच्छा जताई। नोआ को जून 2024 में रिहा किया गया था, लेकिन अविनतान को ये जानकारी तक नहीं थी कि वह जिंदा है भी या नहीं।
भूख, अकेलापन और डर
अविनतान ने बताया कि सुरंगों में उनके शरीर का वजन 40% तक घट गया। उन्हें अक्सर लंबे समय तक भूखा रहना पड़ता और अंधेरे में किसी दूसरे बंधक का साथ नहीं मिला। उन्होंने कहा, “25 महीनों में बाहर की दुनिया से संपर्क नहीं था, वक्त-अवधि का कोई अंदाजा नहीं था, सिर्फ एक बार ही नहाने का मौका मिला।”
एक अन्य बंधक एल्काना बोहबोट ने भी बताया कि कैद के दौरान उन्हें जंजीरों से बांधकर रखा गया, समय और जगह की पहचान नहीं थी। कुछ हमास सदस्य उनसे हिब्रू में बात करते थे और इजरायल में चल रही कुछ घटनाओं की जानकारी देते थे।
बंधकों की रिहाई और नया जीवन
रिहाई के बाद अधिकांश बंधक अब स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं और अपने परिवार से मिल रहे हैं। इन कहानियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है। इजरायल ने कहा है कि बंधकों की मनोवैज्ञानिक देखभाल व सामाजिक पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है।



