Khunti : जिले के लिए गुरुवार का दिन बेहद गौरवपूर्ण रहा, जब जिले के चार प्रतिभाशाली युवा शूटरों ने एसजीएफआई स्कूल नेशनल गेम्स के लिए अपनी जगह पक्की कर ली। खूंटी राइफल शूटिंग क्लब के इन उभरते निशानेबाजों—रचित रंजन प्रसाद, शिवानी कुमारी, एलीशान बरला और कृष्ण गुप्ता—ने चयन प्रक्रिया में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करने का मौका हासिल किया है।
इनका चयन अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 तीनों आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं के लिए किया गया है, जिससे जिले में उत्साह और गर्व का माहौल है।
राज्यस्तरीय प्रशिक्षण और चयन शिविर रांची खेलगांव स्थित शूटिंग रेंज में आयोजित किया जाएगा, जहां सभी चयनित खिलाड़ी अपने अंतिम अभ्यास सत्र में हिस्सा लेंगे। प्रशिक्षण के बाद 3 दिसंबर को झारखंड की टीम इंदौर के लिए रवाना होगी, जहां प्रतिष्ठित एसजीएफआई नेशनल गेम्स का आयोजन होना है। इस प्रतियोगिता में देशभर के स्कूली खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और मेडल जीतने के लिए जोर आजमाइश करेंगे।
इसके अलावा, अंडर-14 और अंडर-19 वर्ग की बाकी चयन प्रक्रिया और संबंधित प्रतियोगिताएं जनवरी 2026 में आयोजित होंगी। यह समय खिलाड़ियों के लिए अपनी तकनीकी क्षमता को और बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
खूंटी राइफल शूटिंग क्लब के कोच अनुज कुमार को भी इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए झारखंड टीम का आधिकारिक कोच नियुक्त किया गया है। अनुज कुमार खिलाड़ियों के तकनीकी स्तर को मजबूत करने और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण देने के लिए कोचिंग टीम का नेतृत्व करेंगे।
खूंटी राइफल शूटिंग क्लब ने सभी चयनित खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी है। क्लब के अध्यक्ष एसडीएम, उपाध्यक्ष अमितेश भगत, और सदस्य चंदन, विपुल एवं रूपेश ने भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। क्लब का मानना है कि खूंटी के ये युवा शूटर प्रतिभा और मेहनत से राष्ट्रीय मंच पर राज्य और जिले का नाम रोशन करेंगे।
स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में भी खिलाड़ियों की सफलता को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। चयनित खिलाड़ियों ने कहा कि यह अवसर उनके लिए सपने के सच होने जैसा है और वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। खूंटी के इन युवा शूटरों से न केवल पदक की उम्मीद है, बल्कि यह भी अपेक्षा है कि वे राज्य में निशानेबाजी के खेल को नई पहचान दिलाएंगे।



