Ranchi/New Delhi : झारखंड की राजधानी रांची के बहुचर्चित भूमि घोटाला मामले में फंसे पूर्व उपायुक्त (डीसी) और आईएएस अधिकारी छवि रंजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उन्हें शर्तों के साथ जमानत देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी होने तक छवि रंजन को किसी भी तरह की गड़बड़ी या साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करनी होगी।
गौरतलब है कि आईएएस छवि रंजन को रांची के भूमि घोटाला और अवैध प्लॉट ट्रांसफर के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शहर की कीमती जमीनों की अवैध रजिस्ट्री कराई और सरकारी भूमि को निजी व्यक्तियों के नाम ट्रांसफर करवाया। ईडी ने इस घोटाले में कई रियल एस्टेट कारोबारियों और सरकारी अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान छवि रंजन के वकीलों ने दलील दी कि अधिकारी को लंबे समय से जेल में रखा गया है, जबकि जांच लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि छवि रंजन एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और साक्ष्य से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। इन तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने राहत देते हुए उन्हें जमानत प्रदान की।
हालांकि, कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि छवि रंजन बिना अनुमति के झारखंड से बाहर नहीं जा सकेंगे और उन्हें जांच एजेंसियों को हर पूछताछ में सहयोग करना होगा। इसके साथ ही, वे किसी भी गवाह या सह-अभियुक्त से संपर्क नहीं करेंगे।
ईडी की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट से कहा था कि छवि रंजन के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, जिनमें कई दस्तावेज और बैंक ट्रांजैक्शन शामिल हैं। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि यह मामला अभी ट्रायल के चरण में है, इसलिए जमानत देने से जांच प्रभावित नहीं होगी।
इस फैसले के बाद आईएएस छवि रंजन के परिजनों और समर्थकों में खुशी की लहर है। वहीं, ईडी अब इस आदेश की शर्तों के तहत जांच आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
झारखंड की नौकरशाही में यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। बताया जाता है कि छवि रंजन रांची में डीसी पद पर रहते हुए कई विवादित भूमि फाइलों को मंजूरी देने के आरोप में फंसे। ईडी ने पिछले साल उनके आवास और कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें बड़ी मात्रा में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे।



