फॉण्ट कनवर्टर NEW

Advertisement
Advertisement

लोनावला में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 20 गिरफ्तार, 36 लाख का माल जब्त

लोनावला पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका और कनाडा के नागरिकों से ठगी करने वाले 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 36.41 लाख का सामान जब्त हुआ।

अपनी भाषा में पढ़ें

Advertisement

Lonavala: महाराष्ट्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोनावला में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नांगरगांव क्षेत्र स्थित एक विला में चल रहे अवैध फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्राथमिक जांच के अनुसार, यह गिरोह अमेजन और गूगल जैसी नामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अधिकारी बनकर अमेरिका और कनाडा सहित कई देशों के नागरिकों को अपना शिकार बनाता था और उनसे करोड़ों रुपये की ठगी करता था। पुलिस ने मौके से लैपटॉप, मोबाइल फोन, वाहन और नकदी समेत कुल 36 लाख 41 हजार रुपये से अधिक मूल्य का सामान जब्त किया है।

पार्सल में ड्रग्स मिलने का डर दिखाकर वसूली

जांच में सामने आया है कि आरोपी इंटरनेट कॉलिंग और विभिन्न डिजिटल एप्लिकेशनों के जरिए विदेशी नागरिकों से संपर्क साधते थे। वे पीड़ितों को कॉल कर डराते थे कि उनके नाम से भेजे गए पार्सल में प्रतिबंधित मादक पदार्थ (ड्रग्स) पकड़े गए हैं। इसके बाद कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का खौफ दिखाकर पीड़ितों से भारी-भरकम रकम वसूली जाती थी। इतना ही नहीं, यह गिरोह पीड़ितों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड का गोपनीय विवरण हासिल कर उनके खातों में भी सेंध लगाता था।

हवाला और क्रिप्टोकरेंसी से पैसों का लेन-देन

पुलिस को अंदेशा है कि ठगी से जुटाई गई विदेशी मुद्रा को आरोपी हवाला नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भारतीय मुद्रा में परिवर्तित करते थे। इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक इरफान अब्दुल गफूर शेख बताया जा रहा है, जो अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस अवैध सेटअप को संचालित कर रहा था। पुलिस की आर्थिक शाखा अब गिरोह के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और क्रिप्टो वॉलेट्स की गहनता से पड़ताल कर रही है।

किराए के विला में चल रहा था अवैध खेल, कोर्ट ने भेजा रिमांड पर

लोनावला शहर पुलिस थाने के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में नांगरगांव की ओमेगा सोसायटी स्थित ‘देव विला’ में यह गुप्त छापेमारी की गई। गिरफ्तार किए गए सभी 20 आरोपी मुंबई और आसपास के इलाकों के निवासी हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और भारतीय तार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जहां उनसे आगे के नेटवर्क और अन्य पीड़ितों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram