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2026–27 के बजट में जनभागीदारी पर जोर, श्रेष्ठ तीन सुझावों को किया जाएगा सम्मानित

Ranchi : झारखंड में बजट निर्माण प्रक्रिया को जन-भागीदारी से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में “अबुआ दिशोम बजट पोर्टल एवं मोबाइल ऐप” का शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट तैयार करने के लिए

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Ranchi : झारखंड में बजट निर्माण प्रक्रिया को जन-भागीदारी से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में “अबुआ दिशोम बजट पोर्टल एवं मोबाइल ऐप” का शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट तैयार करने के लिए आम नागरिकों और विशेषज्ञों दोनों से सुझाव प्राप्त किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी मजबूत राज्य की वास्तविक नींव केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी से तैयार होती है। इसलिए सरकार समावेशी बजट लागू करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मंच केवल तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि जनता को बजट प्रक्रिया में सीधी भागीदारी का अवसर प्रदान करने वाला माध्यम है। उन्होंने कहा कि जनता के सुझाव सरकार के लिए बहुमूल्य हैं और इन्हीं सुझावों के आधार पर ऐसी योजनाएं बनाई जा सकती हैं, जो वास्तव में लोगों की आवश्यकता और आकांक्षाओं को पूरा करें।

इस पोर्टल और मोबाइल ऐप के साथ-साथ व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी जनता 17 जनवरी 2026 तक अपने सुझाव भेज सकती है। खासतौर पर राजस्व वृद्धि से जुड़े सुझाव राज्य की आर्थिक मजबूती में अहम भूमिका निभाएंगे। सरकार ने घोषणा की है कि प्राप्त सुझावों में से सर्वश्रेष्ठ तीन सुझाव देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया जाएगा, जिससे लोगों को सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहन मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले वित्तीय वर्ष से इस पोर्टल के माध्यम से सुझाव लेने की प्रक्रिया 15 नवंबर से ही शुरू कर दी जाए। इसका उद्देश्य यह है कि राज्य के दूरस्थ और सुदूर इलाकों के लोग भी समय रहते अपने विचार और आवश्यकताएं साझा कर सकें तथा उन्हें बजट निर्माण में स्थान मिल सके। इससे बजट प्रक्रिया अधिक व्यापक, सहभागी और जनोन्मुखी बनेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की सहभागिता के माध्यम से वास्तविक जरूरतों की पहचान कर उन्हें पूरा करना भी है। “अबुआ दिशोम बजट पोर्टल एवं मोबाइल ऐप” इसी सोच का सशक्त उदाहरण है। इसके माध्यम से छात्रों, किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों, युवाओं और महिलाओं सभी वर्गों को अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर वित्त मंत्री, मुख्य सचिव, व्यय एवं संसाधन विभाग के सचिव, विशेष सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान यह विश्वास व्यक्त किया गया कि यह पहल झारखंड में पारदर्शी, सहभागी और समावेशी बजट प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

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