Ranchi : देशभर में आज यानी मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरा का त्योहार मनाया जा रहा है। विजयादशमी के नाम से प्रसिद्ध यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। हिंदू धर्म में दशहरा का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही कई जगहों पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है।
दशहरा की तिथि और विजय मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी मनाई जाती है। इस बार दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी।
दशहरा के दिन विजय मुहूर्त का खास महत्व होता है। इस साल विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं, प्रदोष काल शाम 5 बजकर 47 मिनट तक बताया गया है।
भगवान राम की जीत से जुड़ा है दशहरा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने इसी दिन लंकापति रावण का वध किया था और माता सीता को उसकी कैद से मुक्त कराया था। भगवान राम की इसी विजय के उपलक्ष्य में दशहरा मनाने की परंपरा है।
इस दिन कई स्थानों पर रामलीला का मंचन किया जाता है। इसके बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन होता है। दशहरा का पर्व लोगों को अहंकार, अन्याय और बुराई से दूर रहने की सीख देता है। साथ ही यह संदेश देता है कि सत्य और धर्म की हमेशा जीत होती है।



