Jamshedpur : युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और खेलकूद के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से शनिवार को सुन्दरनगर के ब्यांगबिल में आस-पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार मेरा युवा भारत, पूर्वी सिंहभूम की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ रहा। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं और ग्रामीण समुदाय को नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी मोंटू पातर, ब्यांगबिल ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया नीरज सिंह, सिविल डिफेंस सदस्य विवेक कुमार त्रिवेदी, कदमडीह के ग्राम प्रधान अशोक कुमार महतो, रोजगार सेवक वरुण पैरा तथा राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जिला परामर्शी मौसमी चटर्जी उपस्थित रहीं।
जागरूकता सत्र में मौसमी चटर्जी ने विद्यार्थियों और युवाओं को तंबाकू सेवन तथा अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ उसके पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल असर डालती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की।
इसके बाद युवा साथी यूथ क्लब के अध्यक्ष मानव घोष ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से नशे की समस्या के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने नशे की लत के प्रमुख कारणों, इसके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों तथा इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच विकसित करने, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने तथा किसी भी प्रकार की नशे की समस्या होने पर परिवार के सदस्यों और विशेषज्ञों से मदद लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने नशे से संबंधित सवाल पूछे और अपने विचार साझा किए। इसके बाद उपस्थित प्रतिभागियों ने स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली। युवाओं के सुझावों को प्रोत्साहित करने के लिए सुझाव पेटी भी रखी गई, जिसमें प्रतिभागियों ने नशे की समस्या, उसके दुष्प्रभावों और रोकथाम के उपायों से जुड़े अपने विचार लिखकर दिए।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण फुटबॉल प्रतियोगिता रही, जिसमें छह टीमों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने उत्साह और खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि खेलकूद न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है, बल्कि युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतियोगिता के समापन पर विजेता टीम को पदक और फुटबॉल देकर सम्मानित किया गया।
आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य युवाओं को जागरूक, स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनाना तथा खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम को नशामुक्त युवा, स्वस्थ समाज और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया।
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