World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले का फैसला कब किया, इसका खुलासा हो चुका है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि आखिर कर इजरायल-ईरान युद्ध में ट्रंप को क्यों कूदना पड़ा। उन्होंने बताया कि यह फैसला हमले से बस चंद मिनट पहले ही लिया गया था। वेंस ने बताया कि ट्रंप चाहते आखिरी मिनट में भी ईरान पर हमले को रोक सकते थे। लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि कई दिनों से इस मामले को लेकर गंभीर बातचीत चल रही थी। कूटनीतिक कोशिशें जारी थीं। लेकिन जब इसमें सफलता नहीं मिली, तब यह फैसला लेना पड़ा।
वेंस ने बताया कि अमेरिकी राजदूत स्टीव विटकॉफ कूटनीतिक कोशिशों में लगे हुए थे। लेकिन जब बात नहीं बनी, तब आखिर में रक्षा सचिव पीट हेजसेथ को हमले के संबंध में फैसले की मंजूरी दी गई। वेंस ने कहाकि यह बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है। अमेरिका हालात पर करीबी से नजर रखे हुए है। यह देखा जा रहा है कि ईरान अगला कदम क्या उठाता है। वांस ने कहा कि हम यह भी देख रहे हैं कि क्या ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा के लिए अमेरिकी सेनाओं को निशाना बनाता है।



