फॉण्ट कनवर्टर NEW

Advertisement
Advertisement

20 लाख देकर भी नहीं मिली रेलवे की नौकरी, युवक को पता चला ज्वाइनिंग लेटर फर्जी

झारखंड के कोडरमा जिले में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 20 लाख रुपये ले लिए गए। इतना ही नहीं,

अपनी भाषा में पढ़ें

Advertisement

कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 20 लाख रुपये ले लिए गए। इतना ही नहीं, उसे फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर खड़गपुर में करीब डेढ़ महीने तक ट्रेनिंग भी कराई गई। इसके बाद युवक को असम और फिर वाराणसी भेज दिया गया। वाराणसी पहुंचने पर उसे पता चला कि रेलवे की नौकरी और ज्वाइनिंग लेटर दोनों फर्जी हैं।

इस मामले में मरकच्चो थाना में केस नंबर 89/2026 दर्ज किया गया है। नावाडीह पंचायत निवासी 23 वर्षीय परमजीत कुमार ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

रेलवे में नौकरी के नाम पर मांगे 20 लाख रुपये

परमजीत के अनुसार, करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात गिरिडीह जिले के घोड़थंबा थाना क्षेत्र के डुमरडीहा निवासी मो. अल्लाउद्दीन से हुई थी। आरोप है कि अल्लाउद्दीन ने रेलवे में अपनी अच्छी पहचान होने की बात कहकर उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले 20 लाख रुपये की मांग की गई थी।

शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी ने नौकरी नहीं मिलने पर पूरी रकम क्षतिपूर्ति के साथ लौटाने और जरूरत पड़ने पर अपने पेट्रोल पंप में साझेदार बनाने का भी आश्वासन दिया था।

तीन किस्तों में दिए 20 लाख रुपये

परमजीत ने बताया कि उसने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर आरोपी के एक्सिस बैंक खाते में 4 लाख रुपये जमा किए। इसके अलावा नीलम कुमारी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए। वहीं, 6 मई 2025 को बरियारडीह स्थित पेट्रोल पंप पर 6 लाख रुपये नकद दिए। इस तरह कुल 20 लाख रुपये का भुगतान किया गया।

फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर कराया ट्रेनिंग

आरोप है कि पैसे मिलने के बाद अल्लाउद्दीन ने परमजीत को रेलवे का एक पत्र दिया और ट्रेनिंग के लिए खड़गपुर भेज दिया। युवक वहां करीब डेढ़ महीने तक रहा। इसके बाद उसे असम भेजा गया, जहां उसने लगभग तीन महीने बिताए। बाद में पोस्टिंग के नाम पर वाराणसी भेज दिया गया।

वाराणसी पहुंचने पर परमजीत को पता चला कि उसे दिए गए सभी दस्तावेज फर्जी हैं और रेलवे में उसकी कोई नौकरी नहीं लगी है। इसके बाद वह वापस अपने घर लौट आया।

पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी का आरोप

घर लौटने के बाद परमजीत ने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे। शुरुआत में उसे कुछ दिनों का समय दिया गया, लेकिन बाद में लगातार टालमटोल की जाने लगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बार-बार पैसे मांगने पर आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी भी दी।

इसके बाद युवक ने मरकच्चो थाना में शिकायत दर्ज कराई और मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

आरोपी ने ठगी के आरोपों को बताया गलत

दूसरी ओर, मो. अल्लाउद्दीन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि यह मामला पूरी तरह मनगढ़ंत है। उसने बताया कि बरियारडीह में उसका पेट्रोल पंप है और परमजीत के साथ गांव में सीएससी केंद्र चलाने को लेकर रुपये का लेन-देन था। इसी विवाद के कारण उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया है।

वहीं, मरकच्चो थाना प्रभारी बमबम कुमार ने मामला दर्ज होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram