New Delhi: राजधानी दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) नेताओं को पुलिस ने तड़के करीब साढ़े चार बजे हिरासत में ले लिया। भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब समेत कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को उस समय जबरन हटाया गया, जब वे पूरी रात थाने के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इसे अलोकतांत्रिक और अन्यायपूर्ण करार दिया है।
थाने के बाहर रातभर चला धरना, सुबह 4:30 बजे एक्शन
यह पूरा विवाद मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एनएसयूआई द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस दौरान राजस्थान विश्वविद्यालय की पूर्व छात्र नेता रितु बराला और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प हुई थी। कांग्रेस का गंभीर आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया, जिसमें रितु बराला और केरल की कानून छात्रा अथिरा विजयन को गंभीर शारीरिक व मानसिक चोटें आईं। इसी मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कार्यकर्ता थाने के बाहर डटे थे।
कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल, गृह मंत्रालय पर साधा निशाना
युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु चिब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घटना का वीडियो साझा करते हुए दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल दागे। उन्होंने लिखा कि रातभर प्राथमिकी की मांग करने वालों को सुबह साढ़े चार बजे गिरफ्तार कर लिया गया, जो इंसाफ के सिद्धांतों के खिलाफ है। वहीं, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को वेतन जनता के टैक्स से मिलता है, न कि किसी पार्टी दफ्तर से। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के इशारे पर महिला कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता की गई है।
अस्पताल में भर्ती कार्यकर्ता, जीरो एफआईआर दर्ज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितु बराला ने अपने साथ हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की थी, जहां राहुल गांधी ने उनके साहस की सराहना की। उधर, हमले में घायल केरल की छात्रा अथिरा विजयन के बयान के आधार पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ मारपीट के आरोप में ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की गई है। अथिरा का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी देशव्यापी स्तर पर सड़कों पर उतरकर जवाब देगी।





