Ranchi : झारखंड में वक्फ संपत्तियों को भारत सरकार के “उम्मीद पोर्टल” पर अपलोड करने में हो रही दिक्कतों को लेकर आमया संगठन के अध्यक्ष एस अली ने राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन और कल्याण सचिव को एक मांग पत्र सौंपा है।
एस अली ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 5 दिसंबर 2025 तक झारखंड वक्फ बोर्ड में निबंधित और अनिबंधित दोनों तरह की वक्फ संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। लेकिन जानकारी की कमी और वक्फ बोर्ड से पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण अब तक 155 निबंधित संपत्तियों में केवल 53 ही अपलोड हो पाई हैं, जबकि अनिबंधित संपत्तियों का अपलोड कार्य शून्य है।
उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य में झारखंड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा है, जबकि भारत सरकार द्वारा हर स्तर से सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
एस अली ने सुझाव दिया कि वक्फ बोर्ड के सीईओ को नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया जाए। साथ ही, उम्मीद पोर्टल से संबंधित प्रशिक्षित कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके। उन्होंने टोल फ्री नंबर जारी करने, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने, और रिक्त पदों पर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की मांग की, जिससे राज्यभर की वक्फ संपत्तियों की जानकारी आसानी से पोर्टल पर अपलोड की जा सके।



