रांची: झारखंड की राजधानी रांची के पुराने विधानसभा परिसर में बाल कल्याण संघ, द एशिया फाउंडेशन और साइबर पीस के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों, ऑनलाइन धोखाधड़ी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल एक तकनीकी विषय नहीं रह गया है। यह प्रशासनिक संचालन, आर्थिक गतिविधियों और आम नागरिकों की सुरक्षा व निजता से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास और सुशासन के लिए एआई (AI) का उपयोग बहुत फायदेमंद है, लेकिन इसके सुरक्षित और नैतिक इस्तेमाल के प्रति सचेत रहना भी उतना ही जरूरी है ताकि सरकारी दस्तावेजों और वित्तीय डेटा की गोपनीयता बनी रहे।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि समय की मांग को देखते हुए जनप्रतिनिधियों को नई तकनीकों, साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इस मौके पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक सीपी सिंह और नवीन जायसवाल ने भी डिजिटल शासन और उसकी चुनौतियों पर अपने विचार रखे। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने नागरिकों के डेटा प्रबंधन, सरकारी प्रणालियों की सुरक्षा और साइबर खतरों से निपटने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में संजय कुमार मिश्रा, नंदिता बरुआ और कैप्टन एस सी जोशी जैसे विशेषज्ञ उपस्थित थे।




