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एचईसी के भविष्य पर संकट, मजदूर यूनियनों ने बंदी और निजीकरण के खिलाफ खोला मोर्चा

Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची स्थित हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) के भविष्य को लेकर गहराते आर्थिक संकट के बीच विभिन्न मजदूर संगठनों ने रविवार को एकजुट होकर धुर्वा स्थित हटिया मजदूर यूनियन कार्यालय में अहम बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य एचईसी को बंद

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Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची स्थित हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) के भविष्य को लेकर गहराते आर्थिक संकट के बीच विभिन्न मजदूर संगठनों ने रविवार को एकजुट होकर धुर्वा स्थित हटिया मजदूर यूनियन कार्यालय में अहम बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य एचईसी को बंद होने से बचाना, ठेका श्रमिकों की बहाली और लंबित वेतन भुगतान जैसे गंभीर मुद्दों पर साझा रणनीति बनाना रहा।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी 10 दिसंबर को शाम 5 बजे हटिया मजदूर यूनियन कार्यालय में सभी प्रमुख यूनियनों के अध्यक्ष एवं महामंत्री की एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आंदोलन की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी और आगे के कार्यक्रमों पर निर्णय लिया जाएगा।

हटिया मजदूर यूनियन के भवन सिंह ने कहा कि एचईसी के बंद होने की चर्चाओं से कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं और अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों की सभी मांगों की एक अंतिम सूची तैयार कर सरकार और प्रबंधन के सामने मजबूती से रखी जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे हरेन्द्र प्रसाद ने कहा कि कंपनी की खराब वित्तीय स्थिति, प्रबंधन की निष्क्रियता और निजीकरण की आशंकाओं को सभी यूनियनों ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एचईसी के निजीकरण, बिक्री या बंद करने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध किया जाएगा।

बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के तहत पांच प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें एचईसी को बंद या बेचने की किसी भी प्रक्रिया पर तत्काल रोक, उच्चस्तरीय सरकारी हस्तक्षेप, प्रधानमंत्री कार्यालय स्तर पर वार्ता, श्रम संहिताओं का विरोध, और लंबित वेतन भुगतान के साथ ठेका श्रमिकों की बहाली शामिल है। बैठक में एटक सहित कई मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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