Politics News: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को इंदिरा भवन में पार्टी के महासचिवों और प्रभारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में पार्टी की आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व भी शामिल हुई, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे। यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में तय हुआ कि पार्टी जल्द ही अपने जिलाध्यक्षों की बैठक आयोजित करेगी। इस बैठक का आयोजन 27-28 मार्च और 3 अप्रैल को इंदिरा भवन में किया जाएगा। मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने इस बारे में जानकारी दी। रमेश ने कहा कि कांग्रेस में यह पहल 16 साल बाद की जा रही है। जिलाध्यक्षों की बैठक में 700 जिलाध्यक्षों का भाग लेना सुनिश्चित किया गया है, और इस आयोजन में तीन दिन तक प्रति दिन 250 जिलाध्यक्षों के बीच चर्चा होगी।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह है कि पार्टी के जिला स्तर की इकाइयों को कैसे मजबूत किया जाए, ताकि पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाया जा सके। साथ ही जिलाध्यक्षों को और ताकत दी जाए और उन्हें पार्टी की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जाए। यह बैठक कांग्रेस के संगठन को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा, कांग्रेस का आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन अहमदाबाद में 8 और 9 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। 8 अप्रैल को कांग्रेस वर्किंग कमिटी की विस्तारित बैठक होगी, जबकि 9 अप्रैल को राष्ट्रीय अधिवेशन होगा, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
यह कदम पार्टी की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें संगठन की मजबूती और सुधार पर जोर दिया जाएगा। बेलगांवी में हुई पिछली कांग्रेस की बैठक में नवसत्याग्रह संकल्प के तहत यह तय किया गया था कि 2025 कांग्रेस के लिए संगठन का साल होगा, जिसमें संगठन निर्माण, उसकी मजबूती और सुधार पर कार्य किया जाएगा।