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Ranchi : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को केंद्रीय राशि के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जोरदार तरीके से विषय को उठाते हुए कहा कि बार-बार यह कहा जाता है कि केंद्र से राशि नहीं मिल पा रही है, लेकिन जब उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की तो पाया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का पालन राज्य सरकार की ओर से नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र की गाइडलाइन को छोड़कर राज्य ने अपनी अलग गाइडलाइन बना ली, जिसके कारण दोनों के बीच सामंजस्य नहीं बन पा रहा है।
मरांडी ने कहा कि वे स्वयं जब विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करते हैं, तो पंचायत प्रतिनिधि वित्तीय संकट की शिकायत करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि छात्रवृत्ति राशि में देरी से ST और SC विद्यार्थियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि संसदीय कार्य मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री या आवश्यकता पड़े तो स्वयं मुख्यमंत्री को दिल्ली जाकर इस मामले में केंद्रीय मंत्रियों से सीधी बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस पूरे मुद्दे में पूरी सहायता देने को तैयार है।
इस पर सत्ता पक्ष की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली। संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रश्नकाल के दौरान असंबंधित मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला अनुपूरक बजट से संबंधित नहीं है, इसलिए प्रश्नकाल चलता रहना चाहिए।
वहीं, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी को इस विषय में गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग की राशि के लिए राज्य सरकार पिछले एक वर्ष से लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए कई बार केंद्र से पत्राचार किया गया। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग के तहत 2700 करोड़ रुपये को लेकर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें राज्य ने समय पर पूरी कीं।
दीपिका पांडे ने यह भी बताया कि विभागीय सचिव और निदेशक पिछले छह माह से दिल्ली में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन समय नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने बाद में चार अतिरिक्त शर्तें भी लगाईं, जिन्हें राज्य सरकार ने पूरा कर दिया, इसके बावजूद धनराशि जारी नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि 24 नवंबर को उन्होंने केंद्रीय मंत्री से दूरभाष पर बातचीत कर 1385 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह भी किया और दिल्ली में केंद्रीय सचिव विवेक भारद्वाज से मिलकर धन उपलब्ध कराने की प्रार्थना की। उन्होंने आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक राशि जारी नहीं की गई है।संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र सरकार जानबूझकर झारखंड को उसका हक नहीं दे रही है।

