रांची : केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने प्रशासनिक कमांड ढांचे में बदलाव की तैयारी की है। नई व्यवस्था के तहत कोल सेक्टर की 22 इकाइयों का प्रशासनिक नियंत्रण रांची के पूर्वी खंड के महानिरीक्षक (IG) प्रबोध चंद्रा को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस बदलाव की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कोल सेक्टर की 22 इकाइयां रांची IG के अधीन होंगी
जानकारी के अनुसार, CISF के दिल्ली मुख्यालय की ओर से स्टील, कोल और पावर सेक्टर की इकाइयों के प्रशासनिक नियंत्रण में बदलाव की योजना बनाई गई है।
इसके तहत बीसीसीएल धनबाद, सीसीएल करगली, मगध-आम्रपाली, एसईसीएल बिलासपुर, ईसीएल शीतलपुर, हजारीबाग कोल माइनिंग, एनसीएल सिंगरौली और नेवेली समेत 22 कोयला इकाइयों की जिम्मेदारी रांची के IG को दी जा सकती है।
स्टील और पावर सेक्टर की जिम्मेदारी भी तय
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, स्टील सेक्टर की 27 इकाइयों का प्रशासनिक नियंत्रण भिलाई के महानिरीक्षक पीयूष पांडेय के पास रहेगा। इनमें बोकारो, भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर, बर्नपुर और सलेम जैसे प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।
वहीं, पावर सेक्टर की करीब 54 इकाइयों की जिम्मेदारी कोलकाता के महानिरीक्षक ए.के. मोहनका को दिए जाने की जानकारी है। इनमें चंद्रपुरा, बोकारो थर्मल, ललपनिया, कोडरमा, पतरातू और बक्सर समेत कई इकाइयां शामिल हैं।
औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और प्रशासनिक कामकाज को आसान बनाना बताया जा रहा है। नई व्यवस्था से अधिकारियों को अपने-अपने सेक्टर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने में मदद मिलेगी।
साथ ही, क्षेत्रीय स्तर पर अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और सुरक्षा से जुड़े मामलों में जल्द फैसले लेने की उम्मीद है।
झारखंड के कोयला क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
रांची के IG को कोल सेक्टर की 22 इकाइयों की जिम्मेदारी मिलने से झारखंड के कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था में रांची की भूमिका बढ़ सकती है।
इससे कोयला चोरी, अवैध खनन और अन्य सुरक्षा चुनौतियों पर निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है। हालांकि, नई प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।




