Chatra: झारखंड के चतरा जिले की इटखोरी थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर की चोरी के मामले का महज दो घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इटखोरी थाना क्षेत्र स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चोरी हुई करीब 100 साल पुरानी अष्टधातु की ’24 तीर्थंकर प्रतिमा’ को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है।
थाना प्रभारी (सब-इंस्पेक्टर) अभिषेक कुमार सिंह के तत्पर सूचना तंत्र और कार्यकुशलता के दम पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक चोर को गिरफ्तार किया है। बरामद की गई बहुमूल्य प्रतिमा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने चोरी की इस वारदात में इस्तेमाल की गई चोर की हीरो होंडा स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (HR-48-5062) को भी जब्त कर लिया है।
24 घंटे के भीतर टीम गठित कर हुई कार्रवाई
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए चतरा एसपी अनिमेश नैथानी ने बताया कि 20 मई को इटखोरी निवासी ताराचंद जैन के लिखित आवेदन के आधार पर इटखोरी थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जैसे ही तफ्तीश शुरू हुई, घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत इटखोरी थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
विशेष टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी कड़ियों को जोड़ते हुए मयूरहंड थाना क्षेत्र में छापेमारी की। वहां से पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह को धर दबोचा। पुलिस की कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर छुपाकर रखी गई 50 लाख रुपये की अष्टधातु की जैन तीर्थंकर प्रतिमा को बरामद कर लिया गया।
नशे की हालत में चुराई थी मूर्ति, दिल्ली में बेचने की थी तैयारी
चतरा एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी संदीप सिंह एक शातिर चेन स्मोकर और नशेड़ी है। उसने गांजे के अत्यधिक नशे की हालत में इस पवित्र मंदिर को निशाना बनाया और मूर्ति चोरी की घटना को अंजाम दिया था। आरोपी इस बेसकीमती मूर्ति को बेचने के लिए दिल्ली के करोलबाग जाने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले कि वह जिले की सीमा से बाहर भाग पाता, पुलिस ने उसे दबोच लिया।
एसपी अनिमेश नैथानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चतरा जिले की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आस्था को ठेस पहुंचाने वाले और इस तरह के अपराधों में लिप्त अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सराहनीय कार्य करने वाली छापेमारी टीम
सफल उद्भेदन पर एसपी ने छापेमारी टीम की पीठ थपथपाई और कहा कि त्वरित सूझबूझ और बेहतर आंतरिक समन्वय के कारण ही इतनी बड़ी चोरी का खुलासा महज दो घंटे में संभव हो सका। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इस त्वरित और सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, सब-इंस्पेक्टर (SI) दुखीराम महतो, एएसआई (ASI) ओम प्रकाश यादव, आरक्षी अर्जुन कुमार और पुलिस वाहन चालक रविकांत सिंह मुख्य रूप से शामिल थे।



