Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक सिविल इंजीनियर की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान बिहार के मधेपुरा निवासी दिलनवाज के रूप में की गई है, जो पीरी गांव में बन रहे संकट मोचन मंदिर के निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे थे। वह वहीं पास के एक किराए के कमरे में रहते थे।

कमरे से बरामद हुईं कई दवाएं

सुबह जब पड़ोसियों ने कमरे से कोई हलचल नहीं सुनी, तो उन्हें शक हुआ। सूचना मिलने पर सिमरिया थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर जाने पर बिस्तर पर दिलनवाज का शव मिला। पुलिस ने कमरे की तलाशी के दौरान बिस्तर के नीचे से कई तरह की दवाएं बरामद कीं। साथ ही, घुटनों पर चोट के निशान और मलहम-पट्टी के सबूत भी मिले हैं।

बीमारी या कुछ और?

सिमरिया थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दिलनवाज पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और नियमित दवाएं ले रहे थे। हालांकि, चोट के निशान और दवाओं की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है। अफसरों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह स्वाभाविक मौत थी या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है।

गांव में सदमा, परिवार को दी गई सूचना

ग्रामीणों के मुताबिक, दिलनवाज पिछले कुछ महीनों से मंदिर निर्माण स्थल पर रहकर काम देख रहे थे। वह आमतौर पर शांत स्वभाव के थे और स्थानीय मजदूरों के साथ मिलकर दिनभर साइट पर रहते थे। उनकी अचानक मौत से गांव के लोग सदमे में हैं। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है।

फिलहाल पुलिस ने कमरे से मिले साक्ष्यों को जब्त कर लिया है और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है।

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