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चैनपुर (गुमला): ‘पब्लिक अड्डा’ की खबर ने एक बार फिर सोए हुए सिस्टम को जगाने का काम किया है। गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में एक बेबस और लकवाग्रस्त पिता की सिसकियों पर पुलिस ने आखिरकार संज्ञान ले लिया है। ‘साहब, मेरी बेटी दिला दो‘ शीर्षक से प्रकाशित खबर का व्यापक असर हुआ और चैनपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी का मामला (कांड संख्या 49/25) दर्ज कर लिया है।
मक्के भूनते वक्त गायब हुई थी प्रियंका, राजस्थान में हुआ सौदा
घटना चैनपुर के मालम गांव की है, जहां पीड़ित पिता अनिल एक्का अपनी 18 वर्षीय पुत्री प्रियंका की बरामदगी के लिए महीनों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। पीड़िता की मां शालोमि एक्का ने बताया कि जिस दिन बेटी गायब हुई, वह घर में मकई भूनने की तैयारी कर रही थी। उसी दौरान गांव का ही पुपेन एक्का (पिता मिसहाक एक्का) उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बाद में पता चला कि आरोपी ने प्रियंका को राजस्थान ले जाकर किसी अनजान शख्स को बेच दिया है।
पुपेन एक्का पर शिकंजा, तस्करों के नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस ने आरोपी पुपेन एक्का को मुख्य अभियुक्त बनाया है। पुलिसिया जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में मानव तस्करों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है, जो झारखंड की भोली-भाली युवतियों को दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में ‘बड़ी रकम’ लेकर बेच देते हैं। पुलिस अब प्रियंका की सुरक्षित बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अंतरराज्यीय स्तर पर संपर्क साध रही है।
‘पब्लिक अड्डा’ का आभार, न्याय की जगी उम्मीद
लकवाग्रस्त पिता अनिल एक्का ने प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राहत की सांस ली और ‘पब्लिक अड्डा‘ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मीडिया की आवाज के कारण ही आज उनकी गुहार पुलिस के कानों तक पहुंची है। वहीं, थाना प्रभारी ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद से मालम गांव सहित पूरे क्षेत्र में मानव तस्करों के खिलाफ आक्रोश और जागरूकता बढ़ गई है।
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