Chaibasa News: चाईबासा शहर में हर दिन बढ़ती आबादी और किन्तु-परन्तु वाली सुविधाओं की कमी लोगों के जीवन को मुश्किल बना रही है। शहर के समाजसेवी और आमला टोला सार्वजानिक काली पूजा समिति के अध्यक्ष सुनील प्रसाद साव ने इस समस्या को सबसे पहले उठाते हुए कहा कि रात के समय शहर मानो “तालाबंदी” जैसा महसूस होता है। रात 9 या 10 बजे के बाद लगभग हर मेडिकल स्टोर और पेट्रोल पंप अपने शटर गिरा लेते हैं। ऐसे में ज़रा सी भी मेडिकल इमरजेंसी पड़ जाए, परिवार वालों के हाथ-पैर फूल जाते हैं।
“दवा चाहिए… पेट्रोल चाहिए… और सब बंद!”
सुनील साव ने बताया कि कई बार अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं रहतीं, और जब लोग बाहर दवा लेने निकलते हैं तो दुकानें बंद मिलती हैं। पेट्रोल की स्थिति भी यही है। अगर किसी मरीज को रात में दूसरे शहर ले जाना हो, या किसी जरूरी काम से निकलना हो, तो पेट्रोल न मिलना लोगों को मजबूर बना देता है। उनके मुताबिक ये समस्या सिर्फ एक-दो परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे शहर की है।
प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग
इन्हीं हालातों को देखते हुए उन्होंने उपायुक्त से साफ-साफ कहा है कि कम से कम दो मेडिकल स्टोर और एक पेट्रोल पंप को रात भर खुला रखने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि यह असुविधा किसी भी वक्त जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
स्थानीय संगठनों का भी मिला समर्थन
चाईबासा के कई सामाजिक संगठनों ने भी यह मांग दोहराई है। उनका कहना है कि शहर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और अब यहां 24×7 कुछ बुनियादी सुविधाएं होना जरूरी है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही इस पर सकारात्मक कदम उठाएगा, जिससे रात में होने वाली परेशानियों से राहत मिले।



