चाईबासा। झारखंड के चाईबासा में सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘लाल आतंक’ के साम्राज्य को हिला कर रख दिया है। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में झारखंड का सबसे कुख्यात और 1 करोड़ रुपये का इनामी नक्सली पतिराम माझी उर्फ अनल दा मारा गया है। इस कार्रवाई में अनल के साथ अनमोल, पिंटू लोहरा और चंदन लोहरा सहित कुल 15 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है।

गुप्त सूचना पर घेराबंदी और भीषण गोलीबारी

सुरक्षा एजेंसियों को चाईबासा के जंगलों में नक्सलियों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। खुद को घिरता देख नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और चारों ओर से घेराबंदी कर नक्सलियों को संभलने का मौका नहीं दिया। कई घंटों तक चली इस मुठभेड़ के बाद नक्सलियों के शव बरामद किए गए।

नक्सली नेटवर्क के लिए ‘डेथ वारंट’

अनल दा का मारा जाना नक्सली संगठन (भाकपा माओवादी) के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है। वह संगठन की रणनीति बनाने, फंड जुटाने और हथियारों की सप्लाई चेन का मुख्य चेहरा था। उसके साथ मारे गए अनमोल और चंदन भी कई बड़ी हिंसक घटनाओं के मास्टरमाइंड थे। इस सफल ऑपरेशन ने यह साफ कर दिया है कि झारखंड के जंगलों में अब नक्सलियों के सुरक्षित ठिकाने खत्म हो रहे हैं।

हथियारों का जखीरा और सर्च ऑपरेशन जारी

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने एके-47, इंसास राइफल, एसएलआर और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है क्योंकि पुलिस को शक है कि कुछ और नक्सली घायल अवस्था में घने जंगलों में छिपे हो सकते हैं। पूरे चाईबासा और आसपास के जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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