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100 करोड़ के अवैध खनन की पुष्टि के बाद सीबीआई की सख्ती, साहिबगंज में कई दिनों तक डेरा

Ranchi : झारखंड के साहिबगंज जिले में अवैध खनन के मामले की जांच को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। रांची से सीबीआई की एक विशेष टीम मंगलवार शाम साहिबगंज पहुंची, जिसमें छह वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह टीम

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Ranchi : झारखंड के साहिबगंज जिले में अवैध खनन के मामले की जांच को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। रांची से सीबीआई की एक विशेष टीम मंगलवार शाम साहिबगंज पहुंची, जिसमें छह वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह टीम आगामी तीन से चार दिनों तक जिले में रहकर अवैध खनन से जुड़े मामलों की गहन जांच करेगी। जांच के दौरान अवैध रूप से निकाले गए खनिजों के मूल्यांकन के साथ-साथ पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, साहिबगंज पहुंचते ही सीबीआई टीम ने छोटू यादव और पवित्र यादव से जुड़े क्रशर साइट का निरीक्षण किया। टीम ने मौके की भौगोलिक स्थिति, मशीनरी, खनन के साक्ष्य और परिवहन से संबंधित पहलुओं की बारीकी से जांच की। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सीबीआई अन्य संदिग्ध स्थलों का भी दौरा कर सकती है।

यह जांच झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में की जा रही है। अब तक की जांच में सीबीआई ने करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध खनन की पुष्टि की है। जांच में सामने आया है कि नीबू पहाड़ क्षेत्र में तीन लोगों द्वारा संगठित तरीके से अवैध खनन किया गया। सीबीआई ने इस मामले में प्रारंभिक जांच विजय हांसदा की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी, लेकिन जांच के दौरान सामने आए नए साक्ष्यों के बाद इसका दायरा लगातार बढ़ाया गया है।

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच का दायरा केवल अवैध खनन करने वालों तक सीमित नहीं रहेगा। एजेंसी ने उन लोगों को भी जांच के घेरे में लिया है, जिन्होंने प्रशासनिक या राजनीतिक संरक्षण देकर इस अवैध गतिविधि को बढ़ावा दिया। इसी क्रम में सीबीआई ने साहिबगंज के तत्कालीन जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद और जब्त की गई।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय द्वारा सीबीआई जांच के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। वर्ष 2024 में उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के बाद आरोप पत्र दायर करने पर अस्थायी रोक लगा दी थी, हालांकि सीबीआई को जांच जारी रखने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद वर्ष 2025 में सीबीआई ने पुनः उच्चतम न्यायालय का रुख करते हुए आरोप पत्र पर लगी रोक हटाने का अनुरोध किया।

अदालत द्वारा रोक हटाए जाने के बाद सीबीआई ने अवैध खनन मामले में जांच की रफ्तार और तेज कर दी है। माना जा रहा है कि साहिबगंज में चल रही वर्तमान जांच के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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