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सीता सोरेन के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज, सुनवाई 28 अप्रैल को

Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन सहित पांच अन्य के खिलाफ रांची के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत रांची के हटिया निवासी रीना घोष

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Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन सहित पांच अन्य के खिलाफ रांची के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत रांची के हटिया निवासी रीना घोष ने दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई देवाशीष घोष को सीता सोरेन और उनके सहयोगियों अर्जुन कुशवाहा, विवेक सिंह, विवेक सिंह की बहन और रिंकू शाहदेव ने 7 मार्च 2025 को अपहरण कर लिया।

शिकायत में कहा गया है कि देवाशीष घोष कई वर्षों तक सीता सोरेन के निजी सचिव के रूप में काम कर रहे थे। पिछले विधानसभा चुनाव में सीता सोरेन ने भाजपा के टिकट पर जामताड़ा से चुनाव लड़ा था, लेकिन वे हार गईं। हार के बाद सीता सोरेन ने देवाशीष पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और कहा कि चुनाव में बहुत खर्च कर दिया है, जिसे उसे वापस करना होगा। इसी दबाव के तहत एक षड्यंत्र के तहत सीता सोरेन और उनके चार सहयोगियों ने देवाशीष का अपहरण किया और उसे धनबाद स्थित सोनोटेल होटल में ले गए।

अपहरण के दौरान, सीता सोरेन और उनके साथियों ने देवाशीष घोष पर जानलेवा हथियार सटाकर उसकी गाड़ी की चाबी, जमीन के दस्तावेज, एटीएम कार्ड, और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज छीन लिए। इसके अलावा, उन्होंने देवाशीष के बैंक खाते में 3 लाख रुपये भी जमा करवाए और गाड़ी से संबंधित चेक भी ले लिया। देवाशीष के खिलाफ एक फर्जी पिस्तौल के साथ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई, जिसके बाद उसे धनबाद के सरायढेला थाने में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

इस घटना के बाद, रीना घोष ने रांची के डीटीओ ऑफिस, जमीन रजिस्ट्री ऑफिस और एक्सिस बैंक में आवेदन देकर गाड़ी के ट्रांसफर, जमीन के दस्तावेज़ों और चेक राशि के हस्तांतरण पर रोक लगाने की मांग की। अदालत ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने के लिए 28 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है। मामले की सुनवाई जारी है, और इस पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

सीता सोरेन और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज इस शिकायत में अपहरण, धमकी, धोखाधड़ी और फर्जी मामले दर्ज कराने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अब यह देखना होगा कि अदालत इस मामले में क्या कदम उठाती है और न्याय व्यवस्था कैसे इस गंभीर मामले में अपना फैसला सुनाती है।

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