Koderma: विश्व विख्यात शहर झुमरी तिलैया में नगर परिषद चुनाव का बिगुल बजते ही सियासी फिजा बदल गई है। 28 वार्डों वाले इस शहर में 23 फरवरी को मतदान होना है, जिसके लिए अध्यक्ष और पार्षद पद के प्रत्याशियों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। गलियों में गूंजते चुनावी भोंपू और समर्थकों की टोलियां यह बता रही हैं कि इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है।

मुद्दे अनेक, मतदाताओं में नाराजगी बेहिसाब

प्रचार वाहनों की धमक के बीच शहर की बुनियादी समस्याओं ने उम्मीदवारों की नींद उड़ा रखी है। स्थानीय लोगों में होल्डिंग टैक्स में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर सबसे ज्यादा गुस्सा है। इसके अलावा:

  • ड्रेनेज सिस्टम: हल्की बारिश में डूबता शहर और जाम नालियां।

  • सड़कों की बदहाली: उखड़ी सड़कें और धूल फांकते राहगीर।

  • बिजली-पानी: नियमित जलापूर्ति और स्ट्रीट लाइट की समस्या।

नए चेहरों की एंट्री और ‘वोट कटवा’ की चर्चा

इस बार अध्यक्ष पद के लिए कई ऐसे उम्मीदवार भी मैदान में हैं, जिनका पहले कभी सामाजिक या राजनीतिक सरोकार नहीं रहा। ऐसे में पुराने धुरंधर अपनी जमीन बचाने में जुटे हैं, तो नए चेहरे लुभावने वादों से मतदाताओं को रिझाने का जुगाड़ लगा रहे हैं। शहर के चौक-चौराहों पर ऐसे ‘टिप्स’ देने वालों की भी कमी नहीं है, जो जीत की गारंटी लेकर घूम रहे हैं।

जनता की राय: “झुमरी तिलैया की हैसियत विश्व स्तर की है, लेकिन सुविधाएं गांव से भी बदतर। उम्मीदवार रग-रग पहचानने की बात कर रहे हैं, लेकिन मतदाता इस बार खामोश रहकर सबकी परीक्षा ले रहा है।”

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