Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों में से एक ‘कोक ओवेन एंड कोक केमिकल विभाग’ में आज मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों ठेका मजदूरों ने विभागाध्यक्ष कार्यालय के सामने चट्टानी एकता दिखाते हुए जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया। मजदूरों ने साफ कर दिया है कि वे केवल उत्पादन के कीर्तिमान स्थापित करने के लिए नहीं हैं, बल्कि उन्हें उनका वाजिब हक और सम्मान भी चाहिए।
“लड्डू नहीं, स्पेशल एलाउंस चाहिए” — बीके चौधरी: सभा को संबोधित करते हुए महामंत्री बीके चौधरी ने प्रबंधन की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मजदूर हीट, डस्ट और दुर्गंध भरे माहौल में काम करके प्लांट को मुनाफा दे रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें केवल छंटनी का डर दिखाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सुरक्षा केवल हेलमेट और ड्रेस पहनाकर फोटो वायरल करने से नहीं आती, बल्कि मजदूरों का मानसिक तनाव दूर करने से आती है।” उन्होंने मांग की कि मजदूरों को हीट और डस्ट के बदले ‘स्पेशल एलाउंस’ दिया जाए।
मार्च 2026 में चिमनी का धुआं बंद करने की चेतावनी: मजदूरों ने अपनी मांगों की लंबी सूची प्रबंधन के सामने रखी है। बीके चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि मार्च 2026 तक इन मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो मजदूर कोक ओवेन का चक्का जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
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वित्तीय मांगें: प्रॉफिट लिंक रिवॉर्ड, साइकिल, कैंटीन, रात्रि पाली और क्वार्टर भत्ता।
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स्वास्थ्य एवं सुरक्षा: मजदूरों और उनके परिवारों का बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) में मुफ्त इलाज।
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तकनीकी सुधार: वर्षों से काम कर रहे SW (Skilled Workers) से डिप्लोमा सर्टिफिकेट मांगना बंद करना और समयबद्ध अपग्रेडेशन।
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आवास: झोपड़ी बनाने के लिए 5 डिसमिल जमीन की उपलब्धता।
इन नेताओं ने भरी हुंकार: कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनियन के उपाध्यक्ष सीकेएस मुंडा ने की। इस मौके पर मुख्य रूप से संयुक्त महामंत्री एनके सिंह, रामेश्वर मांझी, रोशन कुमार, तुलसी साह, आरवी सिंह, आई अहमद और भारी संख्या में मजदूर प्रतिनिधि मौजूद रहे। मजदूरों के इस प्रदर्शन ने प्रबंधन की नींद उड़ा दी है, क्योंकि कोक ओवेन प्लांट की लाइफलाइन मानी जाती है।



