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भाजपा का मुरुड़ जजीरा कांके, 34 वर्षों से नहीं भेद पाया कोई

मुजफ्फर हुसैन Ranchi : झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के प्रथम चरण के लिए नामांकन 18 अक्टूबर से शुरू हो गया है। इस चरण में कांके विधानसभा समेत कुल 43 विधानसभा सीट हैं, जिस पर चुनाव होना है। एक ओर चुनाव आयोग की तैयारी जोरों पर

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मुजफ्फर हुसैन

Ranchi : झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के प्रथम चरण के लिए नामांकन 18 अक्टूबर से शुरू हो गया है। इस चरण में कांके विधानसभा समेत कुल 43 विधानसभा सीट हैं, जिस पर चुनाव होना है। एक ओर चुनाव आयोग की तैयारी जोरों पर है तो दूसरी ओर राजनीतिक पार्टियां अपने प्रत्याशियों को लेकर समीकरण साधने में लगी है। प्रत्याशियों का एकसूत्री उद्देश्य है अपने सीट पर जीत हासिल करना और इसके लिए वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं। अपने मतदाताओं को वे जहां अपने पक्ष में एकसार होने का मूलमंत्र दे रहे हैं तो वहीं, जीत प्राप्ति के लिए वे राजनीतिक दल बदलने से भी पीछे नहीं हैं। इस चुनाव में कितने राजनीतिक समीकरण बनेंगे-बिगड़ेंगे ये तो समय बतायेगा लेकिन झारखंड के कुछ विधानसभा सीट ऐसे हैं, जिस पर किसी विशेष दल का वर्षों से कब्जा रहा है। ऐसी ही एक सीट कांके विधानसभा सीट है, जिस पर भाजपा का वर्षों से एकक्षत्र राज रहा है। कितने प्रत्याशी आये, कितने दल लेकिन भाजपा को इस सीट से कोई हिला नहीं सका। एक तरह से भाजपा का यह मुरुड़ जजीरा बन गया है, जिसे पिछले 34 वर्षों में कोई भेद नहीं सका ।

क्या है मुरुड़ जजीरा?

मुरुड़ जजीरा महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड़ नामक स्थान पर स्थित एक किला है। भारत के पश्चिमी तट पर समुद्र के बीच स्थित इस किले का निर्माण मलिक अंबर ने 1567 में कराया। यह किला समुद्र तल से 90 फीट ऊंचा है और इसकी नींव 20 फीट गहरी है। 22 एकड़ में फैले इस किले को कुल 22 वर्षों में निर्मित किया गया, जिसमें 22 सुरक्षा चौकियां थी। इस किले को छत्रपति शिवाजी, पेशवा बाजीराव, संभाजी महाराज एवं कान्होजी समेत कई योद्धाओं ने जीतने का प्रयास किया लेकिन सभी असफल रहे।

1977 के बाद से राम नाम को मिली जीत

देश आजाद होने के बाद कांके विधानसभा सीट का गठन पहली बार 1967 में हुआ। इस समय झारखंड दल (जेकेडी) के नेता जेएन चौबे इस सीट पर पहले विधायक निर्वाचित हुए। 1977 में यह सीट अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित कर दी गई। इसके बाद से इस सीट पर राम नाम के प्रत्याशियों को जीत मिलती रही है। सीट आरक्षित होने के बाद इसके पहले विधायक जेएनपी दल से हीरा राम तूफानी निर्वाचित हुए। इसके बाद से जिनके नाम में राम नाम जुड़ा रहा विजयी वही हुए। जैसे राम रतन राम, हरि राम, रामचंद्र बैठा, रामचंद्र नायक, जीतू चरण राम हालांकि सीट आरक्षित होने से पूर्व 1969 एवं 1972 में बीजेएस की टिकट पर रामटहल चौधरी दो बार विधायक निर्वाचित हुए। उनके नाम में भी राम नाम जुड़ा है।

 चौथी बार में समरीलाल को मिली सफलता

निर्वतमान विधायक समरीलाल को भाजपा की टिकट पर वर्ष 2019 में पहली सफलता मिली जबकि इस सफलता का स्वाद चखने के लिए वे वर्ष 2000 से ही सघर्ष कर रहे थे। उन्होंने राजद की टिकट पर वर्ष 2000 में चुनाव लड़ा लेकिन भाजपा के रामचंद्र नायक ने उन्हें 17,391 मतों के अंतर से पराजित किया। दूसरी बार वे झामुमो की टिकट पर 2005 में चुनावी मैदान में उतरे। इस बार भाजपा के रामचंद्र बैठा ने उन्हें 15,059 मतों के अंतर से पटकनी दी। तीसरी बार वे पुन: झामुमो की टिकट पर 2009 में चुनाव लड़े किंतु इस बार वे तीसरे स्थान पर रहे। दूसरे स्थान पर आईएनसी के सुरेश बैठा रहे, जिन्हें 40,674 मत प्राप्त हुआ बावजूद वे भाजपा के रामचंद्र बैठा से 4,571 मतों के अंतर से हार गये।

 सबसे अधिक मुस्लिम मतदाता

कांके विधानसभा में सबसे अधिक मतदाता मुस्लिम जाति से हैं। दूसरे स्थान पर महतो एवं तीसरे स्थान पर उरांव जाति के मतदाता हैं। चौथे, पांचवें एवं छठे क्रम में क्रमश: मुंडा, सिंह एवं साहू जाति के मतदाता हैं। वहीं, राम उपजाति के मतदाता 10वें क्रम में हैं। बावजूद जीत का सेहरा भाजपा उम्मीदवार के उस प्रत्याशी के सिर पर सजता रहा जिनके नाम के साथ राम नाम जुड़ा रहा है।

समुदायमतदाता क्रमसमुदायमतदाता क्रम
मुस्लिमपहलेटोप्पोसोलहवें
महतोदूसरेठाकुरसतरहवें
उरावंतीसरेशर्माअठारहवें
मुंडाचौथेसावउन्निसवें
सिंहपांचवेंसिन्हाबीसवें
साहूछठेमहलीएक्कीसवें
कुमारसातवेंकुजूरबाइसवें
प्रसादआठवेंपांडेयतैइसवें
लोहारनवमेंमिश्राचौबिसवें
रामदसवेंझापच्चिसवें
यादवग्यारहवेंगुप्ताछब्बिसवें
गंझूबारहवेंचौधरीसत्ताइसवें
पाहानतेरहवेंवर्माअट्‌ठाइसवें
कुमारीचौदहवेंतिवारीउन्नतिसवें
नायकपंद्रहवेंलकड़ातीसवें
जिनके नाम रहा जीत का सेहरा
चुनावी वर्षनिर्वाचित विधायकदल
1967जेएन चौबेजेकेडी
1969रामटहल चौधरीबीजेएस
1972रामटहल चौधरीबीजेएस
1977हीराराम तूफानीजेएनपी
1980राम रतन रामआईएनसी
1985हरि रामआईएनसी
1990रामचंद्र बैठाभाजपा
1995रामचंद्र बैठाभाजपा
2000रामचंद्र नायकभाजपा
2005रामचंद्र बैठाभाजपा
2009रामचंद्र बैठाभाजपा
2014जीतू चरण रामभाजपा
2019समरीलालभाजपा

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