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भाजपा से तेली समाज की दो-टूक : 22% आबादी, फिर संगठन में हिस्सेदारी कम क्यों?

रांची: झारखंड की राजनीति में सामाजिक समीकरणों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शुक्रवार को राजधानी रांची के कचहरी स्थित एक निजी होटल में झारखंड प्रदेश तेली अधिकार मंच ने प्रेस वार्ता कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर अपने समाज की ‘उपेक्षित’ स्थिति पर

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रांची: झारखंड की राजनीति में सामाजिक समीकरणों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शुक्रवार को राजधानी रांची के कचहरी स्थित एक निजी होटल में झारखंड प्रदेश तेली अधिकार मंच ने प्रेस वार्ता कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर अपने समाज की ‘उपेक्षित’ स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। मंच ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि राज्य में 22 प्रतिशत आबादी वाले तेली समाज को भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में उनकी संख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।

वोट बैंक हमारा, तो पद किसी और का क्यों?

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंच के अध्यक्ष निरंजन भारती ने कहा कि तेली समाज का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा हमेशा से राष्ट्रवाद और विकास की राजनीति का समर्थक रहा है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि भाजपा की हर जीत में तेली समाज की भूमिका पत्थर की लकीर जैसी रही है, लेकिन जब बात संगठन में जिम्मेदारी की आती है, तो समाज को हाशिए पर धकेल दिया जाता है। भारती ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर समाज की लगातार अनदेखी हुई, तो कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे सकता है।”

तीन प्रमुख मांगें : आर-पार की लड़ाई का संकेत

मंच ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह को एक मांग-पत्र सौंपा है, जिसमें तीन मुख्य बातें कही गई हैं:

  1. प्रदेश महामंत्री का पद तेली समाज के किसी योग्य नेता को दिया जाए।

  2. जनसंख्या के 22% अनुपात के आधार पर संगठन में भागीदारी सुनिश्चित हो।

  3. प्रदेश से लेकर मंडल स्तर तक योग्य कार्यकर्ताओं को उनकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी मिले।

आधी आबादी का भी मिला समर्थन

मंच की सदस्य प्रियंका कुमारी और जिला परिषद सदस्य किरण देवी ने भी पार्टी नेतृत्व को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि तेली समाज ने दशकों से भाजपा की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुँचाया है। यह मांग किसी के विरोध में नहीं, बल्कि अपने ‘हक और सम्मान’ की लड़ाई है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि समर्पित कार्यकर्ताओं को अवसर मिलने से न केवल समाज, बल्कि खुद भाजपा भी मजबूत होगी। 

इस महत्वपूर्ण बैठक में हजारी प्रसाद मोदी, रामविलास साहू, बेनी साहू, राजकिशोर साहू और रेणु देवी सहित समाज के कई दिग्गज नेता उपस्थित रहे। अब देखना यह है कि आगामी चुनावों से पहले भाजपा अपने इस कोर वोट बैंक की नाराजगी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है।

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