Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मंगलवार को वाहन चोरी के एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने अभियान चलाकर 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 25 से 30 लाख रुपये बताई जा रही है। हाल के वर्षों में जिले में वाहन चोरी के मामले में इसे सबसे बड़ी बरामदगी माना जा रहा है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने डुकासाई क्षेत्र से सोनू लोहरा उर्फ भोला (20) को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, जिसके आधार पर डुकासाई, टोंटोगाढ़ा, टाटीबा बिरहोर टोला तथा आसपास के जंगल और ग्रामीण इलाकों में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान एक के बाद एक कुल 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। जांच में सामने आया कि गिरोह चोरी के वाहनों को दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों और जंगलों में छिपाकर रखता था तथा बाद में उनके नंबर प्लेट बदलकर या कम कीमत पर बेचने की तैयारी करता था।
पुलिस ने इस मामले में सोनू लोहरा उर्फ भोला, निवासी बिरसानगर जोन नंबर-3, जमशेदपुर तथा राज पुरती (23), निवासी टोटोंगढ़ा, थाना छोटानागरा, पश्चिमी सिंहभूम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी वाहन चोरी और उसके अवैध कारोबार में सक्रिय रूप से शामिल थे। इनके अन्य सहयोगियों की पहचान की जा रही है।
इस अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी किरीबुरु बिनित कुमार किंडो, पुलिस निरीक्षक बासुदेव मुंडा, नोवामुंडी थाना प्रभारी नयन कुमार सिंह, किरीबुरु थाना प्रभारी रोहित कुमार, बड़ा जामदा ओपी प्रभारी बालेश्वर उरांव, पुलिस अवर निरीक्षक पूर्णिमा कुमारी, सिदगोड़ा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक दानियल सांगा, सुशांत सुंडी, सहायक अवर निरीक्षक देवसरण महतो, आरक्षक ललन कुमार सांगा सहित नोवामुंडी, किरीबुरु और बड़ा जामदा थाना के सशस्त्र बलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क, खरीददारों और अन्य संलिप्त लोगों की पहचान कर जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



