Patna: बिहार में सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना के क्रियान्वयन की गति को तेज कर दिया गया है। जल जीवन हरियाली अभियान के फेज-3 के तहत राज्य के सरकारी भवनों पर ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाने हैं, जिसके तहत वर्ष 2029-30 तक कुल 500 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का क्रियान्वयन रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (RESCO) मोड के माध्यम से किया जाएगा।
सरकारी भवनों पर सोलर प्लांट स्थापना के लिए उच्चस्तरीय बैठक
इस योजना की प्रगति और रूपरेखा को लेकर बुधवार को विद्युत भवन, पटना में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
भवनों की सूची और उपयुक्तता: योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों से उनके अधीन आने वाले सरकारी भवनों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। कुछ विभागों द्वारा सूची मिल चुकी है, जबकि शेष विभागों से भी जल्द जानकारी जुटाने की प्रक्रिया जारी है। सभी सूचियां प्राप्त होने के बाद भवनों की उपयुक्तता का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समझौता और जिम्मेदारियां: बैठक के दौरान पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के प्रारूप तथा ब्रेडा (BREDA), संबंधित विभागों और सोलर डेवलपर की भूमिकाओं व जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों के निर्देश और ऊर्जा क्षेत्र में पहल
बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (ब्रेडा) के निदेशक राहुल कुमार ने सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर इस कार्य को मिशन मोड में पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य को समय पर हासिल करने के लिए विभागों की सक्रिय सहभागिता बेहद जरूरी है।
वहीं, ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने बताया कि सरकारी भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने की यह पहल राज्य में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा, पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटेगी और पर्यावरण संरक्षण में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।




