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उर्वरक कालाबाजारी पर बिहार सरकार सख्त, 330 लाइसेंस रद्द और 72 FIR

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। कालाबाजारी पर 330 लाइसेंस रद्द और 72 मामलों में FIR हुई है।

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Patna: बिहार में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के किसी भी जिले में फिलहाल खाद की कमी नहीं है। किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित कीमत पर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। कृषि मंत्री के अनुसार, 4 सितंबर 2026 तक राज्य में 3.44 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.52 लाख मीट्रिक टन DAP, 2.48 लाख मीट्रिक टन NPK, 0.71 लाख मीट्रिक टन MOP और 1.17 लाख मीट्रिक टन SSP का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को जरूरत और फसल क्षेत्र के आधार पर उर्वरक का उप-आवंटन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि किसी इलाके में कृत्रिम अभाव की स्थिति न बने।

कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस, 330 लाइसेंस रद्द

मंत्री ने कहा कि निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बिक्री, कालाबाजारी, जमाखोरी और किसानों के साथ किसी भी तरह की अनियमितता को सरकार गंभीरता से ले रही है। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि शारदीय मौसम 2026-27 में 4 सितंबर तक अनियमितता के मामले में 72 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 330 प्रतिष्ठानों के प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं। कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित किया गया है। यह टीम शिकायतों के आधार पर लगातार निरीक्षण और जांच कर रही है। इसके अलावा जिलों में कृषि विभाग की जांच टीमें भी नियमित रूप से उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं।

POS मशीन से लेकर स्टॉक रजिस्टर तक होगी जांच

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उर्वरक प्रतिष्ठानों की POS मशीन में प्रदर्शित स्टॉक और वास्तविक भौतिक स्टॉक का नियमित मिलान किया जाए। बिक्री अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर और निर्धारित कीमत पर बिक्री की भी जांच करने को कहा गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ समन्वय कर निरीक्षण दल लगातार निगरानी कर रहे हैं। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

यूरिया की कीमत और सरकार की सब्सिडी कितनी?

मंत्री ने बताया कि फिलहाल यूरिया का कुल लागत मूल्य 2,232 रुपये प्रति बैग है। इसमें सरकार करीब 1,966 रुपये प्रति बैग सब्सिडी के रूप में वहन कर रही है। किसानों के लिए यूरिया की निर्धारित कीमत 266.50 रुपये प्रति बैग है।

किसानों से रसीद लेने की अपील

कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे फसल की जरूरत और अनुशंसा के अनुसार संतुलित मात्रा में ही उर्वरकों का इस्तेमाल करें। उर्वरक खरीदते समय बिक्री रसीद जरूर प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता निर्धारित कीमत से अधिक राशि मांगता है या किसी दूसरे उत्पाद की अनिवार्य बिक्री के लिए दबाव बनाता है, तो किसान इसकी शिकायत किसान हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 या विभाग के WhatsApp नंबर 7766085888 पर कर सकते हैं।

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