Patna: बिहार में दुर्गा पूजा के पावन पर्व और प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्यभर के संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। मुख्यालय स्तर पर 24 घंटे सक्रिय रहने वाला विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। राज्य में इस वर्ष लगभग 16,800 प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिनकी सुरक्षा और विसर्जन व्यवस्था के लिए थानों से लेकर जिला स्तर तक कड़े सुरक्षा मानक तय किए गए हैं।
विसर्जन जुलूस के कड़े नियम और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सभी विसर्जन जुलूसों के लिए शत-प्रतिशत लाइसेंस अनिवार्य किया गया है और संवेदनशील मार्गों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। जुलूसों की सुरक्षा के लिए पुलिस एस्कॉर्ट की व्यवस्था रहेगी, जो विसर्जन के बाद लोगों के सुरक्षित लौटने तक तैनात रहेगी। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए डीजे को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है, जबकि लाउडस्पीकर निर्धारित डेसिबल सीमा में केवल रात 10 बजे तक ही बजाने की अनुमति होगी। विसर्जन घाटों और तालाबों पर गोताखोरों व आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पंडालों में सीसीटीवी अनिवार्य और उपद्रवियों पर सीसीए की चेतावनी
सभी पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन यंत्र लगाना अनिवार्य किया गया है। आयोजकों को सख्त निर्देश हैं कि पंडालों में कोई भी ऐसी झांकी, स्लोगन या चित्र प्रदर्शित न हो जिससे किसी की धार्मिक भावना आहत हो। असामाजिक तत्वों के खिलाफ बीएनएसएस और सीसीए (CCA) के कड़े प्रावधानों के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली किसी भी सामग्री पर चौबीसों घंटे साइबर निगरानी रखी जा रही है।
57 कंपनियां और 24 हजार से अधिक जवानों की तैनाती
विधि-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए 16 से 24 अक्टूबर तक जिलों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। इस विशेष सुरक्षा घेरे में 10 पुलिस उपाधीक्षक, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) की 34 कंपनियां, दंगा निरोधी दस्ते की 12 कंपनियां और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 11 कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा 1,640 पीटीसी सिपाही, 1,362 विशेष पुलिस सिपाही, 16,624 बुनियादी प्रशिक्षु सिपाही और 5,100 होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। नेपाल सीमा और अंतरराज्यीय सीमाओं पर भी विशेष चौकसी बरती जा रही है।




