Ranchi : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने मैट्रिक और इंटर 2026 परीक्षाओं के शुल्क में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की है। बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, मैट्रिक परीक्षा शुल्क में अधिकतम 340 रुपये और इंटर परीक्षा शुल्क में 290 रुपये तक की वृद्धि की गई है। कई वर्षों बाद यह पहली बड़ी बढ़ोतरी है, जो बजट में बढ़ोतरी के कारण लागू की गई है। जैक ने कहा है कि कुल मिलाकर करीब 25 प्रतिशत तक फीस वृद्धि की गई है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर राज्य के लगभग 7.5 लाख विद्यार्थियों पर पड़ेगा। इनमें 4.25 लाख मैट्रिक और 3.25 लाख इंटर के छात्र शामिल हैं। अभिभावकों का कहना है कि पहले ही महंगाई बढ़ी हुई है और अब परीक्षा शुल्क में वृद्धि से अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा।
सबसे अधिक फीस बढ़ोतरी स्वतंत्र और प्राइवेट परीक्षार्थियों की श्रेणी में की गई है। मैट्रिक के नियमित छात्रों की फीस 740 से बढ़कर 980 रुपये हो गई है, जबकि बालिकाओं और प्राइवेट परीक्षार्थियों की फीस 940 से बढ़कर 1180 रुपये कर दी गई है। विलंब शुल्क के साथ मैट्रिक की फीस अब 1140 के बजाय 1480 रुपये देनी होगी। वहीं प्राइवेट छात्रों के लिए विलंब शुल्क 1340 से बढ़कर 1680 रुपये कर दिया गया है।
इंटर परीक्षा शुल्क में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। नियमित इंटर परीक्षार्थियों को अब 910 की जगह 1100 रुपये देने होंगे, जबकि विलंब शुल्क 1310 से बढ़कर 1600 रुपये कर दिया गया है। प्राइवेट इंटर परीक्षार्थियों की फीस 1210 से बढ़ाकर 1400 रुपये कर दी गई है और विलंब शुल्क को 1610 से बढ़ाकर 1900 रुपये किया गया है।
जैक ने स्पष्ट किया है कि सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की फीस समान रहेगी। ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों के नियमित परीक्षार्थियों की फीस 740 से बढ़ाकर 980 रुपये कर दी गई है। वहीं लड़कियों की सभी श्रेणियों में समान शुल्क लागू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, बढ़ी हुई फीस का उद्देश्य परीक्षा प्रबंधन को अधिक सुचारू और आधुनिक बनाना है।
छात्र संगठनों ने इस वृद्धि का विरोध किया है और जल्द ही आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि लाखों छात्रों के लिए यह फैसला अचानक आर्थिक चुनौतियां पैदा कर सकता है। हालांकि जैक का कहना है कि शुल्क वृद्धि का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को अपग्रेड करना है और इससे छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।



