रांची: JPSC 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच में CID को एक और अहम कामयाबी मिली है। टीम ने दिल्ली से भोजपुर के पसौर गांव निवासी मिथिलेश सिंह उर्फ आरके को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में उसकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण बताई जा रही है।
कॉपियां निकलवाने का आरोप
जांच में सामने आया है कि मिथिलेश की JPSC कार्यालय में अच्छी पहुंच थी। आरोप है कि वह आयोग से अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं निकलवा लेता था। इसके बाद पैसों के बदले अभ्यर्थियों की कॉपियां लिखवाने की व्यवस्था की जाती थी।
पहले भी जा चुका है जेल
CID के मुताबिक, मिथिलेश प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों में पहले भी शामिल रहा है। बिहार के अलावा राजस्थान, पंजाब और तेलंगाना में दर्ज मामलों में वह चार बार जेल जा चुका है। बताया गया है कि वह अपने बेटे के नाम पर ‘ICN India’ नाम की परीक्षा संस्था भी चलाता था।
24 अभ्यर्थियों से सेटिंग का दावा
जांच में कथित तौर पर 24 अभ्यर्थियों को JPSC परीक्षा में पास कराने की सेटिंग की बात सामने आई है। इनमें 11 अभ्यर्थियों से करीब 1.10 करोड़ रुपये लेने का आरोप है।
गिरफ्तारी के बाद CID और झारखंड पुलिस की टीम मिथिलेश को उसके पैतृक गांव पसौर लेकर पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि वह कभी-कभार ही गांव आता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है।




