India News: अगर आप भी अपने वाहन का बीमा (Insurance) समय पर रिन्यू नहीं कराते हैं, तो अब संभल जाइए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय मोटर वाहन अधिनियम में एक ऐसा बड़ा संशोधन करने जा रहा है, जिससे आपकी लापरवाही सीधे आपकी जेब और गाड़ी पर भारी पड़ेगी। नए प्रस्तावों के मुताबिक, अब पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियों को अधिकार दिया जाएगा कि वे बिना वैध बीमा के सड़क पर चल रहे वाहनों को मौके पर ही जब्त (Seize) कर सकें।

असुरक्षित ड्राइवरों पर गिरेगी ‘गाज’

मंत्रालय ने केवल गाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि ड्राइवरों के व्यवहार को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। अब उन लोगों को नया ड्राइविंग लाइसेंस (DL) जारी नहीं किया जाएगा, जिनका पिछले तीन सालों में लाइसेंस रद्द हुआ है। साथ ही, यदि आपके चालान का इतिहास असुरक्षित ड्राइविंग दर्शाता है, तो लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए आपको फिर से ड्राइविंग टेस्ट की अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। फिलहाल नियम यह है कि लाइसेंस खत्म होने के एक साल के भीतर आवेदन करने पर टेस्ट की जरूरत नहीं होती, लेकिन अब इसे बदलने की तैयारी है।

60 साल तक नहीं पड़ेगी मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत!

राहत की बात यह है कि लाइसेंस बनवाने या रिन्यूअल के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की अनिवार्य आयु सीमा को 40 साल से बढ़ाकर 60 साल करने का सुझाव दिया गया है। वहीं, भारी और बड़े वाहनों के लिए अब ‘ग्रेडेड लाइसेंस प्रणाली’ (Graded Licensing) लाने का भी प्रस्ताव है, जिसमें ड्राइवर के अनुभव और कौशल को परखा जाएगा।

थर्ड पार्टी बीमा का बढ़ेगा दायरा

सरकार निजी वाहनों के मालिकों को भी बड़ी सुरक्षा देने की योजना बना रही है। प्रस्ताव के तहत थर्ड पार्टी बीमा के दायरे को बढ़ाकर इसमें मालिक, चालक और सवारी को भी शामिल किया जाएगा, जो फिलहाल केवल व्यावसायिक वाहनों (Commercial Vehicles) के लिए उपलब्ध है। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना और सड़कों पर चलने वाले हर वाहन को जवाबदेह बनाना है।

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