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हजारों कार्यकर्ताओं के साथ गुमला में बजरंग दल की शौर्य यात्रा,उमड़ा जनसैलाब

गुमला: गीता जयंती के पावन अवसर पर बजरंग दल गुमला जिला के तत्वावधान में रविवार को गुमला शहर में भव्य और ऐतिहासिक शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। यह शौर्य यात्रा गुमला के लिपटस बगीचा से प्रारंभ हुई, जिसका विधिवत शुभारंभ बजरंग दल झारखंड के

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गुमला: गीता जयंती के पावन अवसर पर बजरंग दल गुमला जिला के तत्वावधान में रविवार को गुमला शहर में भव्य और ऐतिहासिक शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। यह शौर्य यात्रा गुमला के लिपटस बगीचा से प्रारंभ हुई, जिसका विधिवत शुभारंभ बजरंग दल झारखंड के प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो ने भगवान श्रीराम की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। यात्रा के शुभारंभ के साथ ही पूरा वातावरण “जय श्रीराम”, “भारत माता की जय” और “रामलखन जानकी जय बोलो हनुमान की” जैसे नारों से गूंज उठा।

इस विशाल शौर्य यात्रा में गुमला जिले के सभी प्रखंडों से विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति के हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की सहभागिता ने यात्रा को विशेष बना दिया। खास आकर्षण का केंद्र कोरबा समाज के सैकड़ों लोग रहे, जो अपनी पारंपरिक वेशभूषा में तीर-धनुष के साथ पूरे अनुशासन और गरिमा के साथ यात्रा में शामिल हुए। पारंपरिक सांस्कृतिक पहचान के साथ उनकी सहभागिता ने शौर्य यात्रा को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

शौर्य यात्रा के दौरान पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। यात्रा को देखते हुए गुमला शहर की लगभग सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और बाजार स्वतःस्फूर्त रूप से बंद रहे। यह बंद किसी आह्वान का परिणाम नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और समर्थन का प्रतीक माना जा रहा है। शहर के विभिन्न हिंदू संगठन, धार्मिक और आध्यात्मिक संस्थाओं ने इस यात्रा को खुला समर्थन दिया।

यात्रा मार्ग में जगह-जगह स्वागत की भव्य व्यवस्थाएं की गई थीं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। कई स्थानों पर शरबत, पेयजल और चना वितरण के स्टॉल लगाए गए, जहां यात्रियों और आम नागरिकों को निःशुल्क सेवा दी गई। पूरे मार्ग में अनुशासन, धार्मिक उत्साह और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

शौर्य यात्रा गुमला शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई लोहरदगा रोड स्थित गुमला बस डिपो पहुंची, जहां यह एक विशाल सभा में परिवर्तित हो गई। सभा स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक एकत्रित हुए। मंच पर बजरंग दल और विहिप के जिला व विभाग स्तर के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए बजरंग दल झारखंड प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो ने गीता जयंती की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक दिसंबर से ही पूरे देश में बजरंग दल के तत्वावधान में गीता जयंती के अवसर पर शौर्य यात्रा, शौर्य संचलन और शौर्य सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भगवद् गीता की ऐतिहासिक गरिमा, सांस्कृतिक महत्व और जीवन दर्शन को समाज तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि भगवद् गीता के 700 श्लोकों में जीवन की हर परिस्थिति से लड़ने का मार्गदर्शन छिपा हुआ है। दुनिया में किसी भी अन्य धर्म ग्रंथ की जयंती नहीं मनाई जाती, लेकिन सनातन धर्म में केवल भगवद् गीता की जयंती मनाई जाती है, क्योंकि यह किसी मनुष्य द्वारा रचित नहीं, बल्कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख से कुरुक्षेत्र के मैदान में मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को प्रकट हुई थी।

रंगनाथ महतो ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दिन हिंदू समाज के युवाओं को श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के संघर्ष और बलिदान की गाथा को याद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में आज जो भव्य राम मंदिर खड़ा है, वह सहज ही प्राप्त नहीं हुआ, बल्कि इसके लिए 3 लाख 75 हजार से अधिक पूर्वजों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह मंदिर हिंदू समाज की एकता, संकल्प और संघर्ष का प्रतीक है।

उन्होंने आगे कहा कि आज झारखंड में समाज को जातिवाद और प्रांतवाद के नाम पर विभाजित करने की साजिशें की जा रही हैं, जिससे अराजकता और सामाजिक तनाव को बढ़ावा मिल सकता है। ऐसे समय में हिंदू समाज को सतर्क, संगठित और जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।

सभा को संबोधित करने वालों में जिला अध्यक्ष अजय राणा, विभाग मंत्री केशव शाह, विभाग संगठन मंत्री कुलदीप सिंह, विभाग संयोजक मुकेश सिंह, जिला मंत्री मनीष बाबू, विभाग सह मंत्री मनोज वर्मा, जिला संयोजक संतोष यादव, सुरक्षा प्रमुख रविंदर सिंह, सेवा प्रमुख अमन राणा, जिला उपाध्यक्ष पूनम सिंह और शिवम जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी की ओर से शैल सिंह और खुशबू कुमारी दीदी की सक्रिय भूमिका भी सराहनीय रही।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और हजारों की संख्या में सनातनी बजरंगी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।

शौर्य यात्रा और सभा के माध्यम से गुमला शहर में धार्मिक चेतना, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गर्व का स्पष्ट संदेश दिया गया। गीता जयंती के अवसर पर आयोजित इस भव्य आयोजन को जिले के हालिया वर्षों के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जा रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र में विशेष चर्चा और प्रभाव छोड़ा है।

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